दिल में कुछ कर गुजरने की चाहत, दिगाम में हालातों को सुधारने का जज्बा, हो तो मेहनत से कुछ भी हासिल किया जा सकता है यह कहना है कि बीना का। समाज के बीच अपनी अलग पहचान बनाने वाली इस बेटी ने कड़े संघर्ष किए है। आर्थिक रूप से कमजोर यह वर्ग पूरी तरह से मेहनत मजदूरी पर टिका हुआ है। ऐसे में वह पिता का सहारा भी बनी हुई है। सिलाई-कढ़ाई करती है, उससे जो आमदनी होती है, उसका खर्च अपनी पढ़ाई में लगाती है।