
बूंदी/नैनवां।
गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक कर्नल किरोड़ीसिंह बैंसला (Kirori Singh Bainsla) ने फिर सरकार को चेताया कि मु_ी से फिसलती रेत की तरह वक्त निकल रहा है। 20 दिन का अल्टीमेटम दिया था, जो 5 फरवरी को पूरा हो जाएगा। गुर्जरों को 5 फीसदी आरक्षण व बैकलॉग को लागू नहीं किया तो आर-पार की लड़ाई छेड़ देंगे। इस लड़ाई के लिए गुर्जरों को पीले चावल देने आया हूं, वे कफन बांधकर तैयार रहें।
नैनवां में पत्रकारों से बातचीत करते हुए बैंसला ने कहा कि अबकी बार आंदोलन शुरू हुआ तो चि_ी-पत्री से नहीं मानेंगे। रेल की पटरियों और हाइवे पर बैठे तो आरक्षण लेकर ही उठेंगे। 73 गुर्जर पहले खो चुके हैं, 73 सौ खो देंगे, तब भी पीछे नहीं हटेंगे। बैंसला ने कहा कि पांच प्रतिशत आरक्षण का आंदोलन मैं नहीं कर रहा जनता ही मुझसे करवा रही है। चेतावनी भरे शब्दों में कहा कि आरक्षण की लड़ाई के लिए रेले भी रोकेंगे और सडक़ भी जाम करेंगे। आरक्षण की लड़ाई में केन्द्र व रा’य सरकार में बैठे जनप्रतिनिधियों से भी साथ मांगा है। अगर साथ नहीं दिया तो उनसे भी निपटा जाएगा। आरपार की लड़ाई होगी उसमें कुछ भी होना संभव है।
सवर्णों को दस दिन में मिल गया
बैंसला ने कहा कि सवर्णों को दस दिन में दस प्रतिशत आरक्षण देने के लिए संविधन संशोधन कर लिया गया तो एसबीसी को पांच फीसदी क्यों नहीं मिल सकता। कर्नल बैंसला ने कहा कि इस आंदोलन के पीछे उनका मकसद चुनाव लडऩा नहीं है।
Published on:
30 Jan 2019 09:42 am
