
बूंदी. पांच दिवसीय कृषि सखी प्रशिक्षण कार्यक्रम में मौजूद अधिकारी व अन्य।
बूंदी. कृषि विज्ञान केन्द्र में शनिवार को पांच दिवसीय कृषि सखी प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। प्रशिक्षण में जिले के विभिन्न गांवों से 36 कृषि सखियों ने भागीदारी निभाई। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत महिलाओं एवं कृषकों को प्राकृतिक खेती की तकनीकों से सशक्त बनाना तथा रासायनिक खेती को कम करते हुए कम स्थानीय उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों का न्यायसंगत उपयोग कर अधिक लाभ प्राप्त करने की दिशा में प्रोत्साहित करना है। यह प्रशिक्षण कार्यालय संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार जिला परिषद, बूंदी के सहयोग से आयोजित किया गया।
इस अवसर पर संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार कौशल कुमार सोमाणी ने बताया कि प्राकृतिक खेत न केवल उत्पादन की लागत को कम करती है, बल्कि मृदा स्वास्थ्य को लंबे समय तक सुचारू बनाए रखती है।
दुर्गालाल मौर्य, उपनिदेशक सब्जी उत्कृष्टता केन्द्र ने जिले में सब्जी उत्पादन बढ़ावा देने के लिए कृषकों को स्वयं के बीजों से पौध तैयार करने में विभागीय सहयोग की जानकारी दी।
राजेश शर्मा सहायक निदेशक कृषि विस्तार ने विभागीय योजनाओं एवं प्राकृतिक खेती की जानकारी दी एवं किसानों को वर्तमान परिप्रेक्ष्य में अपने लिए कुछ हिस्से में प्राकृतिक उत्पाद लेने के लिए प्रोत्साहित किया। प्रशिक्षण प्रभारी डॉ. सेवाराम रूण्डला ने पांच दिवसीय प्रशिक्षण की रूपरेखा बताते हुए राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
वरिष्ठ अनुसंधान अध्येता डॉ. दीपक कुमार ने प्रशिक्षण के दौरान सभी प्रतिभागियों को कृषि विज्ञान केन्द्र, बूंदी की विभिन्न इकाईयों का भ्रमण करवाया गया। प्रशिक्षण के समान सत्र में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित कर प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन किया गया। प्रशिक्षण में फार्म मैनेजर महेन्द्र चौधरी, विकास ताखर, लोकेश प्रजापत, विजेन्द्र कुमार वर्मा, दुर्गा सिंह सोलंकी एवं रामप्रसाद ने सहयोग प्रदान किया।
Published on:
21 Sept 2025 11:48 am
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