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त्याग व बलिदान के लिए जाना जाता है क्षत्रिय समाज

जिला क्षत्रिय शिक्षा प्रचारिणी समिति की ओर से शुक्रवार को पूर्व नरेश कर्नल बहादुर सिंह की ९८वीं जयंती पर

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Kshatriya society is known for sacrificing and sacrifice

बूंदी. जिला क्षत्रिय शिक्षा प्रचारिणी समिति की ओर से शुक्रवार को पूर्व नरेश कर्नल बहादुर सिंह की ९८वीं जयंती पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। नाहर का चौहट्ठा स्थित कुआं का रावला में मुख्य समारोह हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि सेवानिवृत कर्नल परमेेश कुमार महर्षि ने कहा कि क्षत्रिय वह होता है, जो क्षेत्र की रक्षा करता है। क्षत्रिय जाति अपने त्याग और बलिदान के लिए जानी जाती है। कोटा से आए शिवराज सिंह राठौड़ ने युवक-युवतियों को शिक्षा के क्षेत्र में अधिक से अधिक प्रेरित करने पर जोर दिया। पूर्व अध्यक्ष भोपाल सिंह गौड़ ने बहादुर सिंह की जीवनी पर प्रकाश डाला। समिति सचिव हरिराज सिंह हाड़ा ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। समिति के उपाध्यक्ष अमर सिंह राणावत ने समाज के लोगों को शिक्षा से जुड़ऩे की बात कही। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बालिकाओं को शिक्षा जोड़ो, नहीं हो आधुनिक युग में पिछड़ जाएंगे। उन्होंने कहा कि राजपूत समाज के वीर गाथाओं को भी सुनाया। कोषाध्यक्ष भंवर ङ्क्षसह हाड़ा ने आय व्यय का लेखा जोखा प्रस्तुत किया।

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प्रतिभाओं को किया सम्मानित
समारोह में शिक्षा व खेलकूद में उत्कृष्ट स्थान करने पर समाज के प्रतिभाशाली बालक-बालिकाओं को अतिथियों ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान विजयराज सिंह हाड़ा, हेमचंद्र सिंह, दयाल सिंह, नरेंद्र सिंह राणावत, राजेंद्र सिंह झाला, आंनद सिंह नरूका, नंदसिंह हाड़ा, नारायण सिंह गौड़, जनक सिंह सोलंकी, जोधराज सिंह सोलंकी, परमेंद्र सिंह सोलंकी, शंकुतला नरुका, रेणु हाड़ा, रीना राणावत आदि मौजूद रहे। अंत में समिति अध्यक्ष बलराज खींची (गुढ़ा फार्म) ने आभार जताया। संचालन पृथ्वी सिंह राजावत व ओमराज सिंह हाड़ा ने किया। इससे पूर्व सुबह १०.३० बजे बहादुर सिंह सर्किल स्थित प्रतिमा पर समाज के प्रबुद्धजनों ने माल्यार्पण किया। कार्यक्रम को लेकर लोगों में सुबह से ही उत्साह बना हुआ था।