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मेहनत को देखकर परिवार में था खुशी का महौल, आग लगने पर फूट पड़ी रुलाई

लेसरदा गांव के दो गरीब किसानों के खेतों में गेहंू कटाई की तैयारी चल रही थी।
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बूंदी

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pankaj joshi

Apr 14, 2019

mehanat ko dekhakar parivaar mein tha khushee ka mahaul, aag lagane pa

मेहनत को देखकर परिवार में था खुशी का महौल, आग लगने पर फूट पड़ी रुलाई

केशवरायपाटन.लेसरदा गांव के दो गरीब किसानों के खेतों में गेहंू कटाई की तैयारी चल रही थी। साल भर की मेहनत को देखकर परिवार में खुशी का माहौल था, लेकिन सुबह जब परिवार के सदस्यों को खड़े गेहूं की फसल में आग लगने की सूचना मिली तो खुशियों की जगह रुलाई फूट पड़ी। सभी सदस्य दौड़ कर खेत पर पहुंचे, लेकिन जब तक दमकल आती तब तक सब स्वाह हो गया।
लेसरदा निवासी गोवर्धन मेघवाल ने गांव के पास ही 13 बीघा में गेहंू किए थे। खेत के बीच से निकल रही जयपुर विद्युत वितरण निगम की लाइन में हुए स्पार्किंग से चिंगारियों से कुछ ही देर में फसल जला दी। इसी गांव के हजारीलाल मेघवाल का खेत भी पास ही था। उसकी भी 5 बीघा गेहंू की फसल जलकर राख में बदल गई। आग लगने के बाद देरी से पहुंची दमकल ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन जब तक दोनों किसानों की फसलें जल चुकी थी। किसानों ने आरोप लगाया कि यदि दमकल समय पर आ जाती तो नुकसान से बचा जा सकता था।
आक्रोशित किसानों ने दिया धरना
आग लगने से जली फसल के बाद आक्रोशित किसानों ने ग्राम पंचायत लेसरदा के सरपंच महेश नागर की अगुवाई में धरना दिया। वे उपखंड अधिकारी व तहसीलदार को ज्ञापन देने पहुंचे, लेकिन दोनों ही अधिकारी नहीं मिले।इससे आक्रोशित होकर किसान तहसील कार्यालय के सामने धरना देकर बैठ गए। लेसरदा के किसान धर्मेन्द्र शर्मा ने बताया कि गरीब किसान की सुनने वाला कोई सक्षम अधिकारी मुख्यालय पर नहीं मिलने पर किसानों ने रोष प्रकट करते हुए जिला कलक्टर से घटना की जांच की मांग की। उन्होंने अधिकारियों को मुख्यालय पर रहने के लिए पाबंद कराने की भी मांग की।