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एनएफ एसएम-तिलहन योजना में कराओ तारबंदी, फसले होगी सुरक्षित

खेतों में लहलहाती फसलों को आवारा पशुओं के नुकसान पहुंचाने की समस्या से जूझ रहे किसानों अब राहत मिलेगी।
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NF SM-Oilseeds scheme will be cracked, fertilizer will be safe

एनएफ एसएम-तिलहन योजना में कराओ तारबंदी, फसले होगी सुरक्षित

बूंदी. खेतों में लहलहाती फसलों को आवारा पशुओं के नुकसान पहुंचाने की समस्या से जूझ रहे किसानों अब राहत मिलेगी। सरकार ने तिलहनी फसलों में होने वाले नुकसान को कम करने के लिए एनएफ एसएम-तिलहन योजना शुरू की है। इसके तहत किसान अपनी फसल को नुकसान से बचाने के लिए खेतों के चारों ओर (कांटेदार) तारबंदी करा सकेंगे। इसके लिए सरकार किसानों को पचास फीसदी अनुदान देगी। इस वर्ष करीब 27 हजार मीटर में तारबंदी की जाएगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार किसानों को हर वक्त खेत में आवारा मवेशियों से फसलें चट करने का डर सताता रहता है। खेत सूना होने पर नील गाय आदि घुस जाते हंै और फसलों को नुकसान पहुंचाते हंै। ऐसे में किसान को अपनी फसल का सही दाम नहीं मिल पाता है। आवारा मवेशियों से फसलों को बचाने के लिए सरकार ने कृषकों के लिए योजना शुरू की है। जिसके तहत 10 हैक्टेयर क्षेत्रफल में किसान का खेत होने पर पांच किसानों को कम्यूनिटी बेसिस (समूह रूप में) पर लाभान्वित किया जाएगा। योजना के तहत एक किसान को अधिकतम 400 मीटर तारबंदी के लिए अनुदान दिया जाएगा। तारबंदी के पात्र किसानों की सूची को वेबपोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।

वस्तुस्थिति के आधार पर होगी तारबंदी
कृषि अधिकारियों की माने तो अधिक किसानों को लाभान्वित करने के लिए पहले खेतों की वस्तुस्थिति को देखा जाएगा। इसके बाद सही प्रकार से ले-आउट बनाकर जरूरत वाली साइड में प्राथमिकता के आधार पर तारबंदी कराई जाएगी। इसका निर्धारण संबंधित सहायक निदेशक कृषि (विस्तार) व उप निदेशक कृषि विस्तार जिला परिषद अथवा इनकी ओर से मनोनीत अधिकारी करेंगे।

27 हजार का मिला लक्ष्य
कृषि आयुक्तालय की ओर से वर्ष 2018-19 के लिए लक्ष्य निर्धारित किया गया जिसमें प्रदेश में 9 लाख 16 हजार 670 मीटर में तारबाड़ा किया जाएगा। इसके तहत बूंदी जिले को 27 हजार मीटर का लक्ष्य निर्धारित किया गया।

सभी क्षेणी के किसानों को करेंगे शामिल
कृषि अधिकारी प्रकाश सिंह यादव ने बताया कि योजना का लाभ सभी श्रेणी के किसानों को दिया जाएगा। किसानों को योजना के तहत सामूहिक रूप से अथवा समूह के आधार पर एक कृषक द्वारा ई-मित्र सेवा केंद्र पर जाकर आवेदन करना होगा। इसके लिए जमाबंदी की नकल, आधार कार्ड, भामाशाह व बैंक खाते की पासबुक कृषक को साथ लानी होगी।

तारों की बाड़ाबंदी
किसानों को अपने खेत में तारबंदी कराने के लिए 150 मीटर ऊंचाई की कांटेदार तारों की बाड़ाबंदी कराने के बाद तीन-तीन मीटर की दूरी पर पोल लगाने होंगे। दो-दो पिल्लरों के बीच में 6 लाइन में होरिजोंटल (लंबी लाइन) व दो डाइगोनल काले कांटेदार (क्रॉस में तार बांधना) तारों को मजबूती के साथ मिट्टी के साथ बांधना होगा।

‘फसलों की सुरक्षा के लिए अच्छी योजना है। खेत में तारबंदी होने से किसान को होने वाले नुकसान से राहत मिलेगी। समूह रूप में किसानों को अनुदान दिया जाएगा। जिले को लक्ष्य प्राप्त हो चुके है।’
रामनिवास पालीवाल, उपनिदेशक कृषि विस्तार, बूंदी