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सरकार को गुरूजी ने दी चेतावनी कहा बुजुर्गी में छोड़ा साथ तो बख्शेंगे नहीं…

शहर की सडक़ों पर उतरे जिले के शिक्षक नई पेंशन योजना का विरोध
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protest against the new pension scheme, teachers of the district

सरकार को गुरूजी ने दी चेतावनी कहा बुजुर्गी में छोड़ा साथ तो बख्शेंगे नहीं...

बूंदी. नई पेंशन योजना के विरोध में जिलेभर के शिक्षक शुक्रवार को यहां शिक्षक संघ राष्ट्रीय के बैनर तले सडक़ों पर उतर आए। जिला कलक्ट्रेट को घेरकर करीब पौन घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया।

मुख्यमंत्री के नाम अतिरिक्त जिला कलक्ट्रेट को पत्र सौंपा। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि सरकार ने उनकी मांग पर गौर नहीं किया तो परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहे।


शिक्षक शहर के हायर सैकण्डरी स्कूल मैदान में एकत्र हुए। जहां संगठन की प्रदेश महिला मंत्री व जिला प्रभारी अरुणा शर्मा ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2004 से राज्य कर्मचारियों के लिए लागू नवीन पेंशन योजना कर्मचारियों के भविष्य के हित में नहीं हैं।

नवीन पेंशन योजना शेयर मार्केट पर आधारित होने के कारण कर्मचारियों को निश्चित लाभ की गारंटी नहीं देती। संगठन के जिलाध्यक्ष योगेश शर्मा ने कहा कि नवीन पेंशन योजना से कर्मचारियों की कई सुविधाएं छीनी जा रही है जो पुरानी पेंशन योजना से मिलती थी।

यह न्यू पेंशन योजना शिक्षक हित में नहीं है। नवीन पेंशन नीति में कर्मचारियों को कितनी पेंशन मिलेगी यह तय नहीं है। पुरानी पेंशन जहां सरकार देती थी वहीं नवीन पेंशन बीमा कम्पनियां देगी। यदि कभी समस्या हुई तो हमें बीमा कम्पनियों से लडऩा पड़ेगा।


इस योजना में कर्मचारियों का बुढ़ापा सुरक्षित नहीं है। वह अपने भविष्य के प्रति आशंकित है। शर्मा ने कहा कि सरकार जल्द पुरानी पेंशन योजना का कर्मचारी हित में शीघ्र निर्णय लें। शिक्षक यहां से जुलूस के रूप में रवाना हुए। शिक्षक हाथों में तख्तियां और टोपियां लगाए हुए थे।

रैली में शामिल शिक्षक सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए चले। रैली प्रमुख मार्गों से होते हुए शाम को जिला कलक्ट्रेट पहुंची। यहां शिक्षकों ने करीब पौन घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया।


शिक्षकों की सोलह मांगें


शिक्षक संघ ने अपनी 16 मांगें सौंपी। जिनमें नवीन पेंशन योजना को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग प्रमुख रही। वहीं विद्यालयों का समय पूर्ववत करने, संगठन को मान्यता देने, वर्ष 2000 के निर्देशानुसार स्कूल विभाग का स्वतंत्र रूप से गठन करने, जिला स्तर पर प्रशासनिक ढांचा सृजित करने, कुक कम हेल्पर के मानदेय में वृद्धि आदि मांगें शामिल की गई।

इस दौरान विभाग संगठन मंत्री महेश शर्मा, जिलामंत्री बुद्धिप्रकाश शर्मा, जिला कोषाध्यक्ष महेन्द्र चौधरी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनिल सामरिया, उपाध्यक्ष हेमराज चौधरी, कमलेश साहू, जिला संगठन मंत्री रामदत्त शर्मा, बृजमोहन मीणा, गोपाल बैरागी, सभाध्यक्ष सुखवीर सिंह किराड़, उपसभाध्यक्ष ज्ञानचंद जैन आदि सहित सैकड़ों शिक्षक मौजूद थे।


सडक़ों पर दिखा रोष


सरकार के खिलाफ शिक्षकों का रोष सडक़ों पर दिखाई पड़ा। शिक्षक जमकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। यहां बड़ी संख्या में आई महिला शिक्षकों ने कहा कि सरकार एक भी वादे पर खरी नहीं उतरी। सरकार को चाहिए कि वह शिक्षकों से किए सारे वादे जल्द पूरा करें।


रोकना पड़ा ट्रेफिक


शिक्षकों की तादाद इतनी हो गई कि रैली के दौरान शहर की प्रमुख सडक़ों पर यातायात रोकना पड़ा। शिक्षकों की रैली का पहला हिस्सा जहां जिला कलक्ट्रेट में प्रवेश कर गया था वहीं अंतिम छोर अहिंसा सर्किल के करीब रहा। कोतवाली थाना प्रभारी रमेश तिवाड़ी सहित अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा।