
बूंदी. जिले में 8 फरवरी राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर जिले में संचालित राजकीय माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों को एलबेन्डाजोल गोली खिलाई जाएगी इसके लिए जिला शिक्षा अधिकारियो ने सभी संस्था प्रधानों को इस कार्यक्रम को सफल बनाने के निर्देश दिए।
Read More: आया ऐसा संकट कि सारा काम हो गया ठप...जानिए कैसे
जिला शिक्षा अधिकारी तेजकंवर ने बताया कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस और उसके साथ मॉपअप दिवस 15 फरवरी को सभी राजकीय विद्यालयों, छात्रावासों पर बच्चों को एक से 19 वर्ष के बच्चों को अलबेन्डाजोल की खुराक दिलवाया जाना सुनिश्चित करें ताकि बच्चों को इस हानिकारक कृमि रोग से मुक्त रखा जा सके।
चिकित्सा विभाग और शिक्षा विभाग करेगा मॉनिटरिंग-
सरकार के निर्देश पर मिड-डे-मिल कार्यक्रम के एसएमएस प्लेटफॉर्म द्वारा रिर्पोट तैयार की जाएगी इसमें कितने विद्यार्थियों ने एलबेन्डाजोल की खुराक ली इसकी संख्या टोल फी्र नम्बर 15544 पर एसएमएस के जरिए दी जाएगी। तीन दिन में विद्यालयों में बच्चों को यह खुराक दी जाएगी ताकि कोई भी बच्चा इससें वंचित न हो सके।
भारत में मृदा से संचालित कृमि संक्रमण जनस्वास्थ्य के लिए अत्यन्त हानिकारक है। कृमि का खतरा सर्वाधिक एक से 19 वर्ष की आयु के बच्चों में रहता है। बच्चों के हाथ में कृमि होने से उनका शारीरिक विकास, एनिमिया, पोषण और ज्ञान से संबंधी विकास के साथ-साथ विद्यालय की उपस्थिति पर भी हानिकारक प्रभाव पड़ता है। निश्चित समय पर कृमि मुक्त डिवर्मिंग करने से कृमि संक्रमण के फैलाव को रोका जा सकता है।
गौरतलब है कि संपूर्ण विश्व में कृमि संक्रमण से सर्वाधिक प्रभावित बच्चे भारत में ही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वर्ष 2014 में यह अनुमान लगाया था कि भारत में 1.14 वर्ष के आयु वर्ग वाले 22 करोड़ से भी अधिक बच्चों को उससे खतरा है। कृमि मनुष्य की आंतों में रहते हैं और शरीर के लिए जरूरी पोषण तत्वों को नष्ट कर देते हैं। कृमि संक्रमण से खून की कमी, कुपोषण, मानसिक व शारीरिक विकास बाधित हो सकता है
Published on:
03 Feb 2018 01:53 pm

बड़ी खबरें
View Allबूंदी
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
