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मैदान में लगाई दौड़, खींचा रस्सा

शहर के नैनवां रोड स्थित शृंग छात्रावास परिसर में शृंग जयंती महोत्सव के तहत रविवार को खेलकूद हुए।
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Racing put in the ground, pulled Towing

मैदान में लगाई दौड़, खींचा रस्सा

बूंदी. शहर के नैनवां रोड स्थित शृंग छात्रावास परिसर में शृंग जयंती महोत्सव के तहत रविवार को खेलकूद हुए। जिसमें बच्चे, युवा और महिलाएं शामिल हुई।
बालिक वर्ग की प्रतियोगिता में गुब्बारा फुलाना में विनीत प्रथम व नमिता द्वितीय रही। सुई पिरोना में जनक दुलारी प्रथम, अशिका द्वितीय, कुर्सी दौड़ मेंं अंशिका प्रथम व अंशिका द्वितीय, मेढक़ दौड़ में आराध्य प्रथम व शिवांगी द्वितीय रही। महिला वर्ग की कुर्सी दौड़ में निर्मला प्रथम, विद्या द्वितीय, गुब्बारा फुलाने में कीर्ति प्रथम, प्रीति द्वितीय, मेहंदी प्रतियोगिता में प्रियंका प्रथम व ऋतु द्वितीय रही।
इसी तरह सुई पिरोना में कीर्ति प्रथम, शीला द्वितीय, मांडना में कृष्णा प्रथम, प्रीति द्वितीय, स्लोग्न में त्रिशा प्रथम व अंशु द्वितीय रही।बालक वर्ग की दौड़ में शौर्य प्रथम, काव्य द्वितीय, लम्बी दौड़ में सोम्य प्रथम, ऋषि द्वितीय व बॉल थ्रो में नेहन प्रथम व कृतिन द्वितीय रहे।
पुरुष वर्ग की दौड़ प्रतियोगिता में विवेकानंद प्रथम, संजय पांडे द्वितीय, रुमाल झपट्टा में अमन प्रथम, तपिश द्वितीय एवं शतरंज प्रतियोगिता में रवि शृंगी प्रथम व तीरथ द्वितीय रहे। प्रवक्ता अंकित शृंगी ने बताया कि प्रतियोगिता का उद्घाटन शृंग पंचायत अध्यक्ष बृजेश शृंगी, चन्द्रप्रकाश जोशी, शृंग मंडल अध्यक्ष संजय पांडे व विश्वनाथ शृंगी ने किया।
संचालन महिला मंडल अध्यक्ष संतोष शृंगी व उपाध्यक्ष साधना शृंगी ने किया।
घास भैरू की निकाली सवारी, हुई बरसात
केशवरायपाटन. उपखंड में रविवार को दिनभर बरसात का दौर चलता रहा। कभी तेज तो कभी रिमझिम बरसात ने मौसम को सुहाना बना दिया। केशवरायपाटन में शाम को बरसात की कामना को लेकर घास भैरू की सवारी निकाली गई।इसके बाद छह बजे करीब पंद्रह बीस मिनट तेज बरसात हुई। बरसात सोयाबीन व धान उत्पादकों के लिए अच्छी बताई जा रही है।
दबलाना.कस्बे मे रविवार को जानवरों में रोगों की रोकथाम व बरसात की मन्नत की मांग को लेकर लाल बाई माता जी के मंगाल बांध कर जानवरों को इसके नीचे से निकाला तथा गांव में घास भैरू की सवारी निकाली।
रविवार को सुबह से ही पशुपालकों ने अपने अपने जानवरों को मंगाल के नीचे निकाला । बाद में गांव में घास भैरू की सवारी निकाली गई, जो कस्बे के मुख्य मार्गों से होती हुई घास भैरू के स्थान पर पहुंची। इसके बाद सभी ग्रामवासियों ने गांव बाहर जाकर भोजन किया।