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नपेगें कम परिणाम देने वाले संस्था प्रधान…

सहायक निदेशक बीकानेर नरेन्द्र गुप्ता ने खराब रिजल्ट पर शिक्षको को लिया आड़े हाथ
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नपेगें कम परिणाम देने वाले संस्था प्रधान...

बूंदी. सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक उन्नयन के लिए वर्षभर चली गतिविधियों की पोल माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक कक्षाओं के परिणामों ने खोल दी।
खराब परिणाम पर बूंदी आए सहायक निदेशक व बूंदी जिले के प्रभारी नरेन्द्र गुप्ता ने भी चिंता व्यक्त की।

गुप्ता दो दिवसीय दौरे पर बूंदी आए थे । सरकारी स्कूलों का जायजा लिया जिसमें उन्होंने पूरा फोकस 10वीं-12वीं के घोषित परिणामों पर रखा। जानकारी के अनुसार जिले के 5 हायर सैकण्डरी और 24 सैकण्डरी स्कूलों का परिणाम संतोष जनक नहीं रहा।

अब शिक्षकों की परीक्षा

सहायक निदेशक गुप्ता ने पत्रिका से बातचीत में कहा कि जिले के कई स्कूलों का परिणाम संतोषजनक नहीं रहा। उन्होंने कहा कि सरकार पूरे संसाधन जुटाकर शिक्षकों को नवाचार के लिए प्रशिक्षित कर रही है, इसके बावजूद कुछ स्कूलों के शिक्षक गंभीरता नहीं बरत रहे। पचासी फीसदी से कम परिणाम देने वाले स्कूलों के संस्था प्रधानों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएंगे।यदि माकूल कारण नहीं बता सके, तो पदोन्नति व वेतनवृद्धि रोकने जैसी कार्रवाई होगी।यदि किसी विषय शिक्षक ने पढ़ाया नहींतो उसके खिलाफ वर्षभर में की गई कार्रवाई या यदि किसी विषय का शिक्षक नहीं है, तो जवाब में यह तर्क देना होगा।

क्या है प्रावधान


सूत्रों के अनुसार किसी सरकारी स्कूल का माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित 12वीं परीक्षा का परिणाम 30 प्रतिशत से कम रहता है तो संस्थाप्रधान व संबंधित विषय में 40 प्रतिशत से कम परिणाम रहने पर शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की जाती है।

दसवीं में 40 प्रतिशत से कम स्कूल का परिणाम रहने पर संस्थाप्रधान व 50 प्रतिशत से कम परिणाम रहने पर संबंधित विषय अध्यापक के खिलाफ 17सीसीए कार्रवाई का प्रावधान है। इसके विपरीत 8 0 प्रतिशत से अधिक परिणाम रहने पर संबंधित विषय अध्यापक को प्रशंसा पत्र प्रदान किया जाता है।

यह सामने आए कारण


स्कूलों में वरिष्ठ शिक्षकों का टोटा। सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले अधिकांश छात्र कमजोर। शिक्षकों ने स्कूल खुलने से वर्षभर अध्यापन कार्य में ध्यान नहीं दिया।परीक्षा परिणाम में सुधार के लिए विशेष कार्य योजना का अभाव। शिक्षकों में मुख्यालय पर नहीं रहकर अप-डाउन करने की बढ़ती प्रवृति।

शिक्षकों का गैर शैक्षणिक कार्य में लगाना।अधिकारियों का स्कूलों को समय-समय पर नहीं जांचना।& जिले में माध्यमिक व उच्च माध्यमिक स्तर की कई स्कूलों का रिजल्ट कम रहना चिंता का विषय है। कम रिजल्ट देने वाली सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों व संस्था प्रधानों के खिलाफ विभाग के नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
नरेन्द्र गुप्ता, सहायक निदेशक, बीकानेर

जिले की रैंक
12वीं विज्ञान 17 वीं
12वीं वाणिज्य 08 वीं
12वीं कला 11 वीं
10वीं 30 वां