
रियासत कालीन एनिकट की हो मरम्मत तो बढ़े जलस्तर
नमाना.रियासतकाल से नमाना-घोड़ा पछाड़ नदी पर बने एनिकट की मरम्मत यदि इस वर्ष भी नहीं हुई तो बरसाती पानी नहीं रुकेगा। यहां बना एनिकट अब जर्जर हो गया। रिसाव बढऩे से एनिकट में पानी नहीं रुकता।
एनिकट बीते कई वर्षों से क्षतिग्रस्त बताया। एनिकट को जल स्वावलंबन योजना में शामिल भी किया गया, लेकिन इसमें भी मरम्मत नहीं की गई। ग्रामीणों ने बताया कि यदि एनिकट में पानी भरा रहे तो उन्हें भीषण गर्मी में मवेशियों को लेकर मारा-मारा नहीं फिरना पड़े।
इन्हें मिले फायदा किशनपुरा, नमाना, सोंधिया की झोपडिय़ा, श्यामू, हरीपुरा सहित आधा दर्जन गांव को इस एनिकट का लाभ मिले। पानी भरा रहने पर इन गांवों का जलस्तर भी बढ़े।
सरकार सुने पीड़ा
बूंदी कॉलेज के पूर्व महासचिव महेंद्र सिंह सोलंकी, धर्मराज गुर्जर, सुरेश मीणा, हनुमान मीणा ने बताया कि एनिकट की मरम्मत की मांग को लेकर जल संसाधन मंत्री को जयपुर जाकर अवगत कराएंगे। इसका जीर्णोद्धार बरसात से पहले हो ताकि लोगों को इसका फायदा मिल सके।
प्रस्ताव नहीं हुए पास
जल संसाधन विभाग ने वर्ष २०१७-१८ में एनिकट की मरम्मत के लिए डेढ़ करोड़ रुपए से अधिक के प्रस्ताव भी तैयार किए थे, लेकिन सरकार ने मंजूर नहीं किए। बाद में इसे जल स्वावलम्बन योजना में लिया गया, लेकिन बजट में इसमें भी जारी नहीं हुआ।
एनिकट जल संसाधन विभाग के अधीन है। पिछले साल विभाग ने इसके प्रस्ताव भी बनाए थे, लेकिन हाल नहीं सुधरे।इस एनिकट के ठीक
होने से पांच गांवों को फायदा मिलेगा।
घनश्याम राठौर, सरपंच, नमाना
Published on:
20 Apr 2019 12:25 pm
