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सड़क की चपेट में आई सरकारी भवनों की भूमि

मण्डी कमेटी जबरन बना रही पट्टाशुदा भूमि पर सड़क
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sadak kee chapet mein aaee sarakaaree bhavanon kee bhoomi

सड़क की चपेट में आई सरकारी भवनों की भूमि

रामगंजबालाजी. कुंवारती कृषि उपज मण्डी की सम्पर्क सड़क राजकीय प्रयोजनार्थ भूमि व पट्टों की भूमि में निकालने से कई सरकारी भवनों की भूमि सड़क की चपेटमें आ गए है।
आवंटित भूमि के सीमाज्ञान के लिए कई बार विभागीय कर्मचारियों ने राजस्व विभाग को लिखित में देने के बावजूद अब मण्डी कमेटी आवंटित भूमि में जबरन सड़क निर्माण कार्य करवा रहे है।
जानकारी के अनुसार खसरा संख्या ९ में से वर्ष २०१० में दौलाड़ा उप स्वास्थ्य केन्द्र के लिए ६० गुणा ५० वर्ग फीट का ग्राम पंचायत ने पट्टा जारी किया था। वहीं दौलाड़ा आंगनबाड़ी केन्द्र द्वितीय के लिए ६० गुणा ४० वर्ग फीट का पट्टा पंचायत ने निशुल्क भवन निर्माण के लिए जारी किया हुआ है। आठ वर्ष से दोनों भवनों के निर्माण के लिए कर्मचारी पट्टाशुदा भूमि का सीमाज्ञान करवाने के लिए राजस्व विभाग को बार-बार प्रार्थना पत्र दे चुके है। उसके बावजूद विभाग द्वारा सीमाज्ञान नहीं कराए जाने से उक्त पट्टेशुदा भूमि में मण्डी कमेटी द्वारा जबरन सड़क निर्माण का कार्य करवाया जा रहा है। इसी प्रकार खसरा संख्या ९ के निकटही पशु चिकित्सालय के लिए आवंटित एक बीघा भूमि पर भी मण्डी कमेटी द्वारा गे्रवल सड़क बना दी गईहै।
२३ मई को भी दिया था प्रार्थना पत्र
दौलाड़ा में न्याय आपके द्वार शिविर में आंगनबाड़ी केन्द्र द्वितीय की पट्टाशुदा भूमि का सीमाज्ञान करवाने के लिए महिला पर्यवेक्षक ने शिविर में प्रार्थना पत्र दिया था। वहीं उप स्वास्थ्य केन्द्र की पट्टाशुदा भूमि के सीमाज्ञान के लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ता ने प्रार्थना पत्र दिया था। लेकिन पन्द्रह दिन बाद भी राजस्व विभाग द्वारा भूमि का सीमाज्ञान नहीं किए जाने मण्डी कमेटी द्वारा सड़क का जबरन निर्माण कार्य करवाया जा रहा है।
खेल मैदान का भी नहीं हुआ जीपीएस सर्वे
इसी प्रकार दौलाड़ा खेल मैदान के लिए आवंटित भूमि का सीमाज्ञान करवाने के लिए प्रधानाध्यापिका अनिता व्यास ने प्रार्थना पत्र दिया था। जिस पर शिविर प्रभारी ने टीम गठित करके खेल मैदान का सीमाज्ञान करवान के लिए मौके पर भेजा। लेकिन खेल मैदान की आवंटित भूमि तीन गांवों की सीमा में आने से गठित टीम ने जीपीएस से भूमि का सीमाज्ञान करवाने का प्रस्ताव तैयार कर उच्चाधिकारियों के समक्ष पेश कर दिया।

आवंटित पट्टेशुदा भूमि में बिना सीमाज्ञान के सड़क का बनाना जाना गंभीर है। शीघ ही मण्डी सचिव से वार्ताकरके आवंटित भूमि में सीमाज्ञान के बाद ही सड़क बनाई जाएगी।
नरेश मालव, अतिरिक्त जिला कलक्टर, बूंदी