19 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

हाथ से निकाला नौ इंच लंबा खून का थक्का…

सरकारी अस्पताल के सर्जरी विभाग में हुआ जटिल ऑपरेशन कटने से बच गया वृद्ध का हाथ

2 min read
Google source verification
senior specialist surgeon hospital complex operation pulled blood clod

हाथ से निकाला नौ इंच लंबा खून का थक्का...

बूंदी. जिला अस्पताल के वरिष्ठ विशेषज्ञ सर्जन ने जटिल ऑपरेशन कर एक वृद्ध के हाथ से नौ इंच लंबा खून का थक्का बाहर निकाल दिया। जिससे वृद्ध का हाथ कटने से बच गया। चिकित्सक के अनुसार गंभीर हालत में बंबोरी निवासी भगता मीणा (65) जिला अस्पताल के आउटडोर में वरिष्ठ विशेषज्ञ सर्जरी डॉ.अनिल सैनी के पास पहुंचा था।

जहां वृद्ध ने बताया कि अचानक से उसके हाथ में खून का थक्का जम गया था। जिससे उसके एक हाथ की मु_ी बंद हो गई थी, अंगुलियां पूरी तरह से मुड़ चुकी थी, जो सीधी नहीं हो पा रही थी। हाथ लगातार काला पड़ता जा रहा था। वहीं हाथ में बहुत तेज दर्द हो रहा था। जांच करने पर पता चला कि वृद्ध हृदय रोग से भी ग्रसित है।

जिसकी दवाएं चल रही थी। ऐसे में सर्जन ने तत्काल ऑपरेशन की आवश्यकता जताई। सर्जन डॉ.सैनी ने कहा कि यदि तत्काल ऑपरेशन नहीं किया गया तो वृद्ध मीणा का हाथ काटना पड़ेगा। इसके बाद परिजनों की सहमति से वृद्ध का तत्काल ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के दौरान उसके हाथ में कलाई के उपर से खून का जमा हुआ थक्का बाहर निकाला। जो करीब साढ़े आठ से नौ इंच लंबा व एक इंच चौड़ा था।

खून का थक्का बाहर निकलने से रोगी का हाथ कटने से बच गया। वहीं उसकी अंगुलियां भी काम करने लग गई। वरिष्ठ विशेषज्ञ सर्जन डॉ.सैनी ने बताया कि खून का थक्का जमने से हाथ की मु_ी बंद होने का केस दुर्लभ था, जो कभी कभार ही देखने को मिलता है।

इस तरह की केसों में तत्काल निर्णय लेना होता है। यदि थोड़ी भी देर हो जाए तो रोगी को अपने शरीर का अंग खोकर गंभीर परिणामों से गुजरना पड़ता है। मंगलवार को रोगी के हाथ की अंतिम ड्रेसिंग कर उसे घर भेज दिया गया।


ये था कारण


सर्जन ने बताया कि वृद्ध के हृदय रोग था। वो खून पतला करने की दवा ले रहा था। कई बार शरीर के अंदर ही रक्त स्रत्राव शुरू हो जाता है। जिससे दवाएं रोकने का प्रयास करती है। ऐसे में रक्त का थक्का बन जाता है, जिससे मसल टाइट हो जाते हैं। जो नसों में रक्त की सप्लाई बंद कर देता है।

इससे रोगी की परेशानी बढ़ जाती है। ऐसे समय पर तत्काल चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। ताकि गंभीर अनहोनी से बचा जा सके।