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रोडवेज चालक परिचालक पर रहेगी ख़ुफ़िया तंत्र की नजर…राजस्व रिसाव को रोकने के लिए निगम मुख्यालय की कवायद…

घाटे से जूझ रही रोडवेज की माली हालत में अब ऐसे होगा सुधार
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Special Flying Will Check Roadways Bus

रोडवेज चालक परिचालक पर रहेगी ख़ुफ़िया तंत्र की नजर...राजस्व रिसाव को रोकने के लिए निगम मुख्यालय की कवायद...

बूंदी. राजस्व रिसाव व कम यात्री भार के चलते घाटे से झूज रहे राजस्थान पथ परिवहन निगम को पटरी पर लाने के लिए अब सरकार ने निरीक्षण प्रणाली को प्रभावी बनाने के लिए जतन शुरू कर दिए।

इसके तहत गोपनीय (गुप्तचर) टीमें गठित की जाएगी, जो अंतरराज्यीय क्षेत्र में चलने वाली रोडवजे बसों की जांच करेंगी। राजस्थान रोडवेज के प्रत्येक आगार की बसें अंतरराज्यीय मार्गों पर चलती है। इन बसों में बड़ी संख्या में यात्री भार रहता हैं, बावजूद इसके इन बसों से राजस्व कम आ रहा है।

जबकि बड़े-बड़े शहरों दिल्ली, गुडग़ांव, गुजराज, हरियाणा आदि स्थानों पर काफी यात्री भार मिलता है, बावजूद इसके रोडवेज उक्त रूटों पर घाटे का सौदा साबित हो रही है। इसी घाटे को रोकने के लिए राजस्थान के कार्यकारी निदेशक ने खुफिया तंत्र गठित करने के आदेश दिए हैं।

उक्त एक टीम स्थानीय आगार में भी तैयार की जाएगी। जो ऐसे रूट की रिपोर्ट तैयार करके मुख्यालय देने के साथ कार्रवाई अमल में लाएगी। इसके लिए मुख्यालय व आगार स्तर पर एक रिकॉर्ड संधारित किया जाएगा।

इसलिए पड़ी आवश्यकता


अंतरराज्यीय मार्गों पर चलने वाली रोडवेज बसों के टिकट रोडवेज बस स्टैंड में कटते थे। इसके बाद मार्ग में यात्री भार होने के बाद परिचालक काफी कम मात्रा में टिकट काटते हैं, जबकि रिपोर्ट पूरी बस भरी होने की मिलती है। ऐसे मार्गों पर राजस्व रोकने के लिए टीम का गठन किया जा रहा है।

निजी वाहन बने रोडवेज की राह में कारण रोडवेज की राह में सबसे बड़ा कारण निजी वाहन बने हुए हैं। जिनमें निजी बसों से लेकर लोक परिवहन तथा टैक्सियां शामिल है।इन वाहनों के कारण भी रोडवेज घाटे से जूझ रहा है।

मुख्यालय स्तर पर होगी कार्रवाई :

गठित जांच टीम जिस आगार की बस में विशेष फ्लांइग रिमार्क लगाएगी, उस पर कार्रवाई मुख्यालय स्तर पर की जाएगी। इसके बाद संबंधित फाइल मुख्य प्रबंधक को भेजी जाएगी।18 बसें चलती हैं अंतरराज्यीय रूट पर बूंदी आगार से प्रतिदिन 84 बसों का संचालन होता हैं। जिसमें से 18 बसें अंतरराज्यीय रूटों पर चलती है।ऐसे में अब इन बसों की जांच करना किसी चुनौती से कम नहीं होगा।

करना होगा निजी वाहनों का उपयोग


अंतरराज्यीय मार्गों पर चलने वाली बसों की राजस्व रिसाव की शिकायत मिलने के बाद यह टीम वहां कार्रवाई करेगी। वहां जाने के लिए रोडवेज बस की बजाए रेल, निजी बसों या किराए पर कार कर सकेंगे।

मिले आदेश

‘रोडवेज को घाटे से उभारने के लिए मुख्यालय से अंतरराज्यीय रूटों पर चल रही बसों को लेकर एक गुप्तचर टीम बनाई जाएगी। जिसके आदेश मिल चुके हैं। मुख्यालय से जो भी अग्रिम निर्देश प्राप्त होंगे उसके अनुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विक्रम सिंह सोलंकी, मुख्य प्रबंधक, बूंदी आगार