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अनशन व धरने को मिल रहा ग्रामीणों का समर्थन

ड्कॉलेज को सरकारी करने की मांग को लेकर बुधवार को भी संघर्ष समिति का एसडीएम कार्यालय पर क्रमिक अनशन व धरना जारी रहा।
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Support of villagers to get fast and fast

अनशन व धरने को मिल रहा ग्रामीणों का समर्थन

नैनवां, बूंदी, ड्कॉलेज को सरकारी करने की मांग को लेकर बुधवार को भी संघर्ष समिति का एसडीएम कार्यालय पर क्रमिक अनशन व धरना जारी रहा। समिति के संयोजक गोपीलाल सैनी, छात्र कमलेश नागर, हुकम नागर, महावीर मीना क्रमिक अनशन पर बैठे।

समाजसेवी हेमसिंह चौधरी, हरपाल कुम्हार, दीपक चौपड़ा, जगदीश प्रजापत, विनोद बैरवा, दिलखुश पोटर, हनुमान मीना, छात्र दीपेक शर्मा, राजेश कुमार, राकेश कुमार, विनोद प्रजापत, सुरेश कुमार, दिनेश नागर, राजवीर नागर, दीपक चौपड़ा, संत दयालदास, राधेश्याम, रामकुमार गुर्जर धरने पर बैठे।

फीस जमा करने की तिथि बढ़ाई
बीएजेएम महाविद्यालय में प्रथम वर्ष के लिए पहली वरीयता सूची के विद्यार्थियों की प्रवेश फीस जमा कराने की तिथि 11 अगस्त तक बढ़ा दी है। प्राचार्य डॉ. पंकज गुप्ता ने बताया कि प्रवेश शुल्क जमा करने के बाद नवप्रवेशित विद्यार्थियों के परिचय पत्र जारी करने का कार्य 13 अगस्त से शुरू होगा।

किसानों को नहीं मिला फसल बीमा का लाभ

करवर. करवर क्षेत्र के जरखोदा सहकारी समिति के आधे किसानों को भी फसली बीमा राशि का क्लेम नहीं मिला है। जिससे किसानों में समिति के प्रति रोष व्याप्त है। किसान कन्हैयालाल नागर, महावीर धाकड, मोहनी बाई, रामफूल, कन्याबाई, गजानंद ने बताया कि जरखोदा सहकारी समिति में गत वर्ष रबी की फसल की बीमा राशि जमा कराई थी।

लेकिन आधे किसानों को भी फसली बीमा का क्लेम नहीं मिला। उधर सहकारी समिति अध्यक्ष रमेश नागर ने बताया कि यहां 215 किसानों को फसली बीमा क्लेम का लाभ मिला है। किसानों की फसली बीमा की राशि ऑनलाइन जमा नहीं होने से किसानों को इसका लाभ नहीं मिला। जबकि सहकारी समिति की ओर से ऑफ लाइन पर सभी किसानों का बीमा जमा कराया था।

उधर कॉपरेटिव बैंक शाखा देई के मैनेजर छीतर लाल शर्मा ने बताया की जिन किसानों का फसल बीमा ऑनलाइन जमा हुआ है उन्हें लाभ मिला है। वहीं जिन किसानों का ऑनलाइन बीमा नहीं हुआ है, उन किसानों को वापस राशि लौटानी चाहिए। फिर भी मामले की जांच की जाएगी।