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सुवानिया गांव में दम तोड़ती पनघट योजना, नलकूपों से नहीं मिल रहा पर्याप्त पानी

भू जल स्तर गहरा जाने से नैनवां उपखंड के सुवानियां गांव में पानी का संकट गहरा गया है।

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Suvaniya village suffers from drowning waterproof plan no water avail

nal kup ki jach

नैनवां. भू जल स्तर गहरा जाने से नैनवां उपखंड के सुवानियां गांव में पानी का संकट गहरा गया है। गांव में जलापूर्ति के लिए लगे सभी नलकूपों का पानी रीत जाने से सर्दी के मौसम में ही ग्रामीणों को पानी का संकट सताने लग गया है।

गांव की पेयजल समस्या दूर करने के लिए मई 2017 में जलदाय विभाग व सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम राजस्थान इलेक्ट्रोनिक्स एण्ड इन्स्ट्रमेंटस लिमिटेड जयपुर ने गांव में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए सौर ऊर्जा चलित पनघट योजना का स्ट्रक्चर लगाया था। नलकूपों का पानी सूख जाने से गांव में सौर ऊर्जा चलित पनघट योजना भी सात माह भी पानी नहीं दे पाई।

पनघट योजना के नलकूप से दिनभर में दस मटकी पानी भी नहीं मिल पा रहा। जिससे पनघट योजना का स्ट्रक्चर शोपीस बन गया। योजना के अलावा गांव में जलापूर्ति के लिए पंचायत कार्यालय के बाहर, बालाजी मन्दिर के पास, पलसा की नाडी, तलाई के अन्दर नलकूप लगे हुए है। इन सभी नलकूपों का पानी सूख गया। मंगलवार को जलदाय विभाग की सर्वे टीम गांव में जलस्रोतों की स्थिति की जानकारी लेने पहुंची। सर्वे टीम के प्रभारी आजाद मोहम्मद ने बताया कि गांव के सभी नलकूपों व हैण्डपम्पों का पानी रीत जाने से संकट पैदा हो गया। सौर ऊर्जा चलित पनघट योजना के नलकूप से भी इतना कम डिस्चार्ज हो रहा है कि आधे घंटे में दो लीटर पानी नहीं आता। सर्वे रिपोर्ट तैयार कर विभाग के अधिकारियों को दी है।

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यह है स्थिति
गांव के हेमराज नागर, रामकिशन नागर व रतनलाल नागर ने बताया कि दो माह से भूजल स्तर गहराता जा रहा था। एक पखवाड़े से तो हालत यह हो गई कि सभी जलस्रोत पानी की जगह हवा फेंक रहे हैं। गांव में तलाई के अन्दर के नलकूप में पानी तो है, लेकिन कई माह से उसमें मोटर फंसी पड़ी है। ग्राम पंचायत व जलदाय विभाग को मोटर बाहर निकालने के लिए कहते आ रहे हैं, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। सोमवार को उपखंड अधिकारी को ज्ञापन दिया था, उसके बाद जलदाय विभाग की टीम नलकूपों का सर्वे करने आई। टीम को सभी नलकूप दिखवा दिए। एक में भी पानी नहीं आया।

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टैंकरों से करेंगे जलापूर्ति
जलदाय विभाग के कनिष्ठ अभियंता दिनेश कुमार गोचर ने बताया कि गांव का सर्वे करवा लिया है। सभी जलस्रोतों का पानी सूख गया। सौर ऊर्जा चलित पनघट योजना के नलकूप ने भी जवाब दे दिया। गांव में टैंकरों से जलापूर्ति के प्रस्ताव तैयार कर लिए हैं। स्वीकृति मिलते ही गांव में टैंकरों से जलापूर्ति शुरू करवा दी जाएगी।