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तालाब का अस्तित्व खतरे में, बदबू से ग्रामीण हो रहे हैं परेशान

तालेड़ा उपखंड की सुवासा पंचायत के खलुंदा गांव में हनुमान जी के मंदिर के पास स्थित 40 बीघा का प्राचीन तालाब देखरेख के अभाव में अपना अस्तित्व खोने लगा है।

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बूंदी

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pankaj joshi

May 12, 2025

तालाब का अस्तित्व खतरे में, बदबू से ग्रामीण हो रहे हैं परेशान

सुवासा. पंचायत के खलुंदा गांव का प्राचीन तालाब अतिक्रमण व गंदगी का शिकार

सुवासा. तालेड़ा उपखंड की सुवासा पंचायत के खलुंदा गांव में हनुमान जी के मंदिर के पास स्थित 40 बीघा का प्राचीन तालाब देखरेख के अभाव में अपना अस्तित्व खोने लगा है। तालाब का पानी हरा व गंदा हो गया है कि इसकी बदबू धीरे-धीरे चारों ओर फैल रही है। ऐसे में मंदिर में आने वाले श्रद्धालु वह तालाब के आसपास रहने वाले आमजन काफी परेशान है। ग्रामीणों के द्वारा कई बार ग्राम पंचायत व चिकित्सा विभाग को सूचना देने के बावजूद भी बदबू की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। तालाब के चारों ओर अतिक्रमण होने के चलते 40 बीघा का तालाब लगभग 30 बीघा में सिमट गया है।

देसी और विदेशी पक्षियों का लगा रहता था जमावड़ा
ग्रामीण रामलाल मीणा, प्रकाश मीणा, महावीर आदि लोगों ने बताया खलुंदा के प्राचीन तालाब में पहले 12 माह ही पानी भरा रहता था। ग्रामीण तालाब में नहाते थे और अपने मवेशियों को पानी पिलाते थे। तालाब के अंदर बड़ी-बड़ी मछलियां हुआ करती थी और देसी और विदेशी पक्षी तालाब में रहा करते थे और चारों तरफ पक्षियों की कलरव सुनाई देता था और तालाब के अंदर सिंघाड़े की खेती हुआ करती थी, लेकिन धीरे-धीरे लोगों ने तालाब को शौचालय बना रखा है, जिसकी वजह से तालाब में गंदगी बढ़ती जा रही है।

लगे कचरे के ढेर
तालाब के चारों ओर ग्रामीण कचरा डालते हैं, जिसके चलते तालाब के चारों तरफ गंदगी की भरमार है। गांव में निकलने वाला गंदा पानी नाली के माध्यम से तालाब में जा रहा है, जिससे तालाब का पानी गंदा हो रहा है।

तालाब का सौंदर्यकरण हो
ग्रामीणों ने बताया कि तालाब में पानी आने व पानी निकास का रास्ता बना हुआ था, लेकिन ग्रामीणों के अतिक्रमण के कारण वह बन्द सा हो गया है, जिसके चलते बारिश आने पर तालाब में पानी भर जाता है, लेकिन गंदा पानी तालाब से बाहर नहीं निकल पा रहा है जिसके चलते यह पानी बाद में बदबू मारने लग जाता है।

तालाब का पानी गंदा व कीटाणु युक्त होने से 3 साल पहले बावड़ी के पास लगे हेडपंप में तालाब का पानी मिक्स हो जाने के कारण गांव में हैजे का प्रकोप हो गया था, जिसमें 30 से अधिक ग्रामीण कोटा अस्पताल में भर्ती हुए थे। प्रशासन से इस तालाब की सफाई करने की मांग की है।
महावीर शृंगी, खलुंदा

तालाब में फैल रही बदबू की समस्या का समाधान शीघ्र करवाया जाएगा। पहले तो गांव की नालियों से आ रहे गंदे पानी को रोकना जरूरी है, तभी जाकर तालाब में फेर रही बदबू का समाधान हो सकता है। ग्रामीणों को भी जागरूक होना पड़ेगा। घर का कचरा तालाब में नहीं डाले समाधान के लिए कम से कम 30 लाख रुपए की आवश्यकता है। उच्च अधिकारियों को प्रपोजल बनाकर भेज रखा है जैसे ही स्वीकृति आएगी तालाब के पास सौन्दर्य करण का कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।
प्रियंका गोस्वामी, पंचायत प्रशासक, सुवासा