
नोताड़ा. इन्द्रगढ़ तहसीलदार कीचड़ में पेंट चढ़ा कर पोल उठाते हुए।
बड़ाखेड़ा.मेज नदी में आई बाढ़ से ग्रामीण क्षेत्र की बिजली व्यवस्था बहाल हुई है। नौ दिनों से अंधेरे में ग्रामीण क्षेत्र के बड़ाखेड़ा, पापडी, जाडला, लबान, घाट का बराना, माखीदा, बंसवाडा,काकरामेज सहित दर्जनों गांवों मे बंद पडी विघुत आपूर्ति को बहाल करने के लिए ग्रामीण 3 दिनों से विघुत डिस्काम के कर्मचारियों व अधिकारियों के साथ मिलकर सुबह से शाम तक कार्य कर रहे हैं। मेज नदी के दोनों छोर पर पोल टूट कर गिर चुके है।
सबसे बड़ी समस्या 33केवी लाइन को मेज नदी से पार करवाया जाना रहा। इसके लिए सिविल डिफेंस की टीम को बुलाने की आवश्यकता पड गई थी, लेकिन बड़ाखेड़ा कस्बे के युवाओं की टीम ने चार घंटे तक मेज नदी के पानी में उतरकर कर लाइन के तार को एक छोर से दूसरे छोर तक पहुंचाया दिया।
बिजली विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों भी तीन दिन से लगातार ग्रामीण क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को सुचारू करवाने के लिए मेहनत कर रहे हैं। इनमें सुरेन्द्र शर्मा, कृष्ण मुरारी मीणा, बुध्दिप्रकाश मीणा,पवन कुमार मीणा, मुकेश, अधीक्षण अभियन्ता संदीप मालवीय, सहायक अभियंता श्रीलाल जाटव, सुरेश गुर्जर, गिरिराज मीणा, लोकेश,आदि मौजूद रहे।
तहसीलदार भी पोल उठाते नजर आए
बाढ़ से मेज नदी में पोल गिरने के बाद करीब सप्ताह भर से बंद पड़ी है। क्षेत्र के गांवों में विद्युत आपूर्ति बहाल करने को लेकर कवायद जारी है।लोगों को जल्द राहत मिले इसको लेकर इंद्रगढ तहसीलदार स्वयं भी विद्युतकर्मियों के साथ अपनी पेंट चढ़ाकर कीचड़ में उतरे और मेज नदी के किनारे विद्युत टावर को ङ्क्षखचवाकर सीधा करवाते नजर आए। तहसीलदार का इस तरह कार्य करता देखकर वहां मौजूद लोग भी उनके साथ जुट गए।
Published on:
31 Aug 2025 10:30 am
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