
बम्बूली गांव की घटना
नैनवां. थाना क्षेत्र के रजलावता ग्राम पंचायत के बम्बूली गांव में जहरीला पदार्थ खाने से तीन पशुधन की मौत हो गई। आधा दर्जन पशुधन की पशु चिकित्साकर्मियों ने उपचार कर जान बचा ली। पशुपालन विभाग ने प्रथम दृष्टया कोई जहरीली वस्तु खाने में आने से पशुधन की मौत होना माना है। पुलिस ने मृत पशुधन का पोस्टमार्टम करवाकर मामले की जांच शुरू की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार सुबह गांव में दो स्थानों पर मुंह में झाग आकर तीन पशुधन की मौत होने व आधा दर्जन पशुधन तड़पते नजर आए तो पशुपालन विभाग व पुलिस को सूचना दी गई।
बम्बूली के उपस्वास्थ्य केन्द्र पर नियुक्त पशुधन सहायक चन्द्रप्रकाश नागर व नैनवां पशु चिकित्सालय से वीए अनिल शर्मा के नेतृत्व में टीम बम्बूली गांव पहुंची। चिकित्सा टीम पहुंचने से पूर्व तीन पशुधन मर चुके थे तथा आधा दर्जन की हालत गंभीर बनी हुई थी। चिकित्सा टीम ने बीमार पशुधन का उपचार करने के बाद उनकी हालत में सुधार हुआ। मृत मवेशियों का पोस्टमार्टम करने वाले देई के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. मुकेश मीणा ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला फूड पॉइजनिंग का लगा है।
तीन घंटे घूमने के बाद पोस्टमार्टम के लिए स्थान मिला
पशुधन का पोस्टमार्टम करने के लिए गांव में जगह नहीं मिल पाने से तीन घटे तक पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। पशु चिकित्सक डॉ. मुकेश मीणा ने बताया कि जिस स्थान पर पशुधन मरा था उस स्थान से तो पुलिस ने रास्ता बनाकर बुलडोजर से मृत पशु धन को ट्रैक्टर में रखवा कर गांव के बाहर निकलवाने के बाद ग्रामीणों ने अपने खेतों में पोस्टमार्टम नहीं करने दिया।
नैनवां के एसआई एस.एन. जांगिड़ का कहना है कि बम्बूली गांव पहुंचे व ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली। प्रथम दृष्टया मामला फूड पॉइजनिंग का सामने आया है। सुखलाल बैरवा की रिपोर्ट पर जांच शुरू कर दी है।
Published on:
02 Apr 2018 12:15 pm
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