
केशवरायपाटन. जैन समाज के बीसवें तीर्थकर मुनि सुव्रतनाथ स्वामी का दो दिवसीय जन्म जयंती महोत्सव मंगलवार को भगवान के महामस्तकाभिषेक के साथ सम्पन्न हो गया।
चम्बल नदी के किनारे चल रहे महोत्सव पर प्रात: 9 बजे बाद जैन मंदिर परिसर से स्वर्ण पालकी में भगवान श्रीजी की शोभा यात्रा निकाली गई। जैन मुनि शशांक सागर महाराज के सानिध्य में शुरू हुई शोभा यात्रा में महिलाएं जैन धर्म के नारे लिखी तख्तियां लेकर चल रही थी। शोभा यात्रा मंदिर से तहसील रोड मुख्य बाजार होती हुई मंदिर पहुंची। मंदिर परिसर में स्थित संत धर्मशाला परिसर में आयोजित जयंती समारोह में अतिथियों का स्वागत किया गया। पाटन वाले बाबा तुम्हे प्रणाम भजनों के साथ श्रीजी का महामस्तकाभिषेक किया गया। इस दौरान महिला पुरुषों ने जैन भजनों पर नृत्य किए। वहीं जयकारों धर्मशाला गूंजी उठी। इस दौरान कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने कार्यक्रम में बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया।
जीवन वह जो उजाला करे
जैन मुनि शशांक सागर महाराज ने कहा कि जीवन वह होता है जो जग में उजाला करें। लोग नमन करें। इस प्रकार का जीवन मिले तो जन्म का उद्दार हो जाता है। इसी लिए किसी का जन्म कल्याणक मनाया जाता है तो किसी की जन्म जयंती मनाई जाती है। बाबा मुनि सुव्रतनाथ स्वामी का जन्म कल्याणक मनाने का जो शोभाग्य मिला वह कम ही लोगों को मिलता है।
किया स्वागत, लगाई बोलियां
मुनि सुव्रतनाथ स्वामी के जन्म जयंती मेले के अवसर पर आयोजित समारोह में कई बोलियां लगाई गई। शांतिधारा की बोली पदम कुमार मनोज कुमार लुहाडिया के नाम रही। समाज के पदाधिकारियों, प्रतिभाओं, महिला बैड़ वादकों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में मुनि सुव्रतनाथ ादिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र प्रबंध कार्यकारिणी अध्यक्ष बिरधीचंद छाबडा, मेला संयोजक पारस कुमार लुहाडिया, सकल दिगम्बर जैन समाज बंूदी अध्यक्ष महावीर काला, प्रवक्ता मुकेश कुमार लुहाडिया ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन विश्वास कुमार जैन, नरेन्द्र कुमार जैन ने किया।
Published on:
11 Apr 2018 12:41 pm
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