
water scarcity in Bundi rural area
भण्डेडा/ बूंदी। कस्बे में बुधवार की रात्रि को एक संवेदक निर्माण कार्य के लिए नलकूप पर टेंकर में पानी भरने आया तो कस्बे के ग्रामीणों ने आपत्ति जताते हुए, नलकूप से पानी नहीं भरने दिया। नलकूप की रखवाली के लिए अलाव जलाकर रातजगा करते हुए बैठे रहे। जानकारी के अनुसार कस्बे में एकमात्र सहारा हीरामन मोहल्ले के सादेड़ा मार्ग का नलकूप ही ग्रामीणों को पीने के पानी की सुविधा उपलब्ध करा रहा है। कस्बे के अन्य सभी नलकूप बन्द पड़े हुए हैं।
उधर, जोधपुर जिले के भोपालगढ़ उपखण्ड क्षेत्र के गजसिंहपुरा गांव के बाशिन्दों के लिए पिछले करीब 70 बरसों से पीने के पानी का मुख्य स्रोत रही यहां की गंवाई नाडी ने इस बार जवाब दे दिया है और करीब आधी सदी से भी अधिक समय के बाद पहली बार इस नाडी का पानी पूरी तरह से रीत गया है। गांव में जलदाय विभाग के सार्वजनिक नलकूपों के पानी में बेहद अधिक मात्रा में फ्लोराइड होने की वजह से इनका पानी इतना खारा है, कि लोग तो क्या पशु भी नहीं पी सकते हैं। जबकि साल भर पहले आया नहरी पानी भी गांव में नहीं के बराबर पहुंच रहा है। यहां तक कि पखवाड़े भर में एकाध बार मुश्किल से घंटे-आधे घंटे के लिए ही नहरी पानी आ पाता है। ऐसे में बरसों से पीने के पानी के लिए यहां के गंवाई तालाब के पानी पर ही निर्भर रहने वाले लोग इन दिनों बेजां परेशानियों के दौर से गुजर रहे हैं और यह कहें, कि गांव का हर व्यक्ति पीने के मीठे पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहा है, तो भी कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी।
Published on:
17 Jan 2019 05:39 pm
