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बुरहानपुर के 1500 किसानों ने राष्ट्रपति से मांगी सामूहिक आत्मदाह की अनुमति

- पांगरी सिंचाई परियोजना का मामला

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1500 farmers of Burhanpur sought permission from the President for mass self-immolation

1500 farmers of Burhanpur sought permission from the President for mass self-immolation


बुरहानपुर. पांगरी सिंचाई परियोजना का विरोध कर रहे खकनार क्षेत्र के तीन गांव के 1500 किसानों ने राष्ट्रपति के नाम पत्र लिखकर सामूहिक आत्मदाह की अनुमति मांगी है। गुरुवार को तीन गांव के डेम प्रभावित किसानों की एक बैठक हुई, जिसमें प्रशासन द्वारा बिना मुआवजा तय किए डेम का निर्माण शुरू करने का विरोध करते हुए आत्मदाह तक करने का निर्णय लिया गया। डेम निर्माण को लेकर पहुंचे अफसरों ने भी डूब में जा रही खेत की भूमि के प्रभावित किसानों से भी चर्चा की।
डेम से प्रभावित किसानों की सामूहिक बैठक के बाद हुए निर्णय की जानकारी देते हुए डॉ. रवि कुमार पटेल ने कहा कि प्रशासन द्वारा भूमि का मुआवजा तय किए बिना ही अगर नियम विरूद्ध तरीके से काम शुरू किया जाएगा तो तीन गांव के 1500 किसान सामूहिक आत्मदाह करेंगे। इसकी अनुमति के लिए एक पत्र राष्ट्रपति के नाम भी लिखा गया है, जिसमें आत्मदाह की अनुमति मांगी गई है। दरअसल ग्रामीणों को सूचना मिली थी कि डेम निर्माण के संबंध में एसडीएम सहित जल संसाधन विभाग के अफसर निरीक्षण के लिए पहुंचने वाले है, इसलिए बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं किसानों ने पहुंचकर सामूहिक बैठक कर निर्णय लिया।
यह है पूरा मामला
पांगरी सिंचाई परियोजना प्रस्तावित है। जिसमें खकनार तहसील के तीन गांव पांगरी, बसाली और नागझीरी क्षेत्र की भूमि आ रही है। अभी तक डूब क्षेत्र में जा रही भूमि का मुआवजा तय नहीं हुआ, लेकिन अफसरों का लगातार निरीक्षण एवं डेम को लेकर कार्ययोजना तय होने के बाद किसानों में भय का माहौल है। किसान डेम का विरोध कर रहे है, जिसकी शिकायत पूर्व में भी प्रशासन से की गई थी, किसानों का कहना है कि डेम की जरूरत नहीं है।