3 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

भारतीय रेलवे का स्थापना दिवस आज, 157 साल पहले बुरहानपुर में दौड़ी थी रेलगाड़ी

Indian Railway Foundation Day: भारतीय रेलवे को आज 172 साल पूरे हो चुके है। 1866 में बुरहानपुर स्टेशन पर पटरी बिछ गई थी और साल 1868 में गाड़ियों का स्टॉपेज शुरू हो गया था। यहां कुल आठ ट्रेनों का स्टॉपेज था। ऐसे बदली बुरहानपुर रेलवे स्टेशन की तस्वीर…

2 min read
Google source verification
157 years ago a train ran in Burhanpur on Indian Railway Foundation Day

Indian Railway Foundation Day: भारतीय रेलवे की स्थापना के 16 अप्रेल को 172 साल पूरे हो रहे हैं। आज ही के दिन 1853 में देश में पहली यात्री रेलगाड़ी मुंबई में बोरी बंदर से ठाणे तक चली थी। लेकिन रेलवे के मामले में बुरहानपुर का इतिहास भी प्राचीन है। 157 साल पहले बुरहानपुर स्टेशन पर ट्रेनों का स्टॉपेज शुरू हो गया था।

शहर के हिस्टोरियन होशंग हवलदार बताते हैं कि 1866 में बुरहानपुर स्टेशन पर पटरी डल गई थी और 1868 में गाडियों का स्टॉपेज मिल गया था। उसी समय 8 गाडिय़ों का स्टॉपेज मिल गया था, जिसमें पैसेंजर, पंजाब मेल, कलकत्ता, लाहोर एक्सप्रेस, कटनी भुसावल पेसेंजर, इटारसी भुसावल पैसेंजर और दो डाक (माल) गाड़ी थी, जिसके आधे डिब्बे यात्रियों के लिए भी हुआ करते थे। कुछ समय बाद ही दूसरी रेलवे लाइन भी डल गई थी।

कपास थी मुख्य उपज

बुरहानपुर में पहले कपास की बड़ी मंडी हुआ करती थी। कपास की गठानों की सप्लाय के लिए प्रमुख रूप से गाडियों का स्टॉपेज शुरू किया, ताकि उद्योग को बढ़ावा मिल सके। इसके बाद केले का भी सप्लाय हुआ।

1866 में बनी तहसील

हवलदार बताते हैं कि 1814 में सिंधिया और इस्ट इंडिया कंपनी के बीच संधि हुई थी। जिसमें नाम सिंधिया का था, लेकिन शासन कंपनी का चलता था। इसके बाद खंडवा 1865 में जिला बना और बुरहानपुर तहसील 1866 में बनाई गई।

अब ये है स्टेशन की हालत

बुरहानपुर रेलवे स्टेशन की हालत पहले कुछ खास नहीं थी। 2014 के बाद देश के 7568 रेलवे स्टेशनों में से 104 को मॉडल स्टेशन बनाने के लिए चयनित किए गए, जिसमें बुरहानपुर स्टेशन का नाम भी शामिल हुआ। इसके बाद स्टेशन की तस्वीर बदल गई। आगे अब टू लेन से चार लेन की योजना है। महाराष्ट्र सीमा समाप्त होने के बाद भुसावल रेलवे मंडल का मप्र में यह पहला रेलवे स्टेशन है। यहां अब 6 हजार यात्री प्रतिदिन आवागमन करते हैं। 45 गाडियों का आवागमन हैं, जिसमें लगभग 30 गाडियों का स्टॉपेज है, जिसमें साप्ताहिक ट्रेन शामिल है। देश के कई हिस्सों से बुरहानपुर से रेलवे की कनेक्टीवीटी है।