17 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

35 हजार पावरलूम का होगा आधुनिकरण, 40 मीटर बनाने वाली मशीन 80 मीटर कपड़ा बनाएगी

- ७५ फीसदी मिलेगा अनुदान - मप्र में सबसे अधिक बुरहानपुर को मिलेगा फायदा- प्रदेश सरकार ने की घोषणा- केंद्र पहले दे रही थी ५० फीसदी अनुदान

3 min read
Google source verification
35 thousand powerloom will be modernized 40 meter making machine wil

35 thousand powerloom will be modernized 40 meter making machine wil

बुरहानपुर. शहर की धड़कन पावरलूम के आधुनिकरण को फिर जोर दिया है। रविवार को मप्र सरकार ने लूम के अपग्रेडेशन पर २५ फीसदी अनुदान देने की घोषणा की है। २००६ से केंद्र सरकार ने ५० फीसदी अनुदान दे रही है। दोनों मिलाकर बुनकर ७५ फीसदी का लाभ लेकर इसका अपग्रेडेशन कर सकता है।
पावरलूम उद्योग इनसीटू अपग्रेडेशन योजना में अब ७५ फीसदी अनुदान मिलने से शहर के ३५ हजार पावरलूम का आधुनीकरण हो सकेगा। इसका बड़ा फायदा कपड़े की क्वालिटी और उत्पादन पर असर करेगा। अभी जहां ४० मीटर कपड़ा एक मशीन बना रही है वह ८० मीटर कपड़ा बनाएगी। अनुदान बढऩे से अब तेजी से मशीन हाइटेक होगी।
कपड़े की बढ़ेगी डिमांड
महिला एवं बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनीस के प्रयास से यह अनुदान की राशि में बढ़ोतरी हुई है। मंत्री ने कहा कि पावरलूम बुरहानपुर की धड़कन है। टेक्सटाइल ऐसा .उद्योग है जो सबसे अधिक रोजगार सृजन की शक्ति रखता है। पूर्व में भी मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान द्वारा पावरलूम के क्षेत्र में ऐतिहासिक निर्णय लेकर पावरलूम बिजली सब्सिडी 25 एचपी से बढ़ाकर 150 एचपी कर दी है। इस कार्य पर सरकार द्वारा 90 करोड़ रुपए खर्च किए जाने का निर्णय हो चुका है। अब इस योजना में राज्य शासन की सब्सिडी से 75 प्रतिशत अनुदान सामान्य वर्ग के हितग्राही को मिल सकेगा। इसमें अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के हितग्राही को लाभ मिल सकेगा। चिटनीस ने बताया कि मध्यप्रदेश एमएसएमई विकास नीति में अधिकतम 8 पॉवरलूम प्रति इकाई का लाभ राज्य शासन द्वारा प्रदान किया जाएगा।
यह बोले फेडरेशन अध्यक्ष
पावरलूम फेडरेशन अध्यक्ष ज्ञानेश्वर पाटिल ने कहा कि सांसद श्री नंदकुमारसिंह चौहान के नेतृत्व में सीएम से सब्सिडी देने की मांग रखी गई थी। पाटिल ने कहा कि लूम के अपग्रेडेशन से कपड़े की क्वालिटी में सुधार आएगा। बाजार में भी खासी डिमांड बढ़ जाएगी।
यह पार्टस बदल सकेंगे
योजना का लाभ लेकर बुनकर पावरलूम मशीन में वार्प स्टॉप मोशन, वेफ्ट स्टॉफ मोशन, इफिशियन ब्रेक, डॉबी, जेकॉर्ड, सेमी पॉजीटिव लेटअप के पार्ट्स बदल सकते हैं। योजना में यह पार्ट्स खरीदने के लिए सरकार ने देश की ७२ कंपनियों को अनुमोदित किया है। कपड़ा वस्त्र मंत्रालय की साइड पर उपलब्ध है।
यह मिलेगा सादे लूम को अपग्रेड करने का फायदा
कपड़ा वस्त्र मंत्रालय के तकनीशियन सादिक अंसारी ने बताया कि ताना या बाने का धागा टूटने पर लूम स्वत: ही बन हो जाएगा। लूम में कारगर ब्रेक लगने से लूम समय पर ही बंद होगा। जिससे कारीगर को आसानी होगी। सेमी पॉजीटिव लेटअप लगाने से बीम की गति नियंत्रित होगी। इन सब उपकरणों से सबसे बड़ा फायदा यह होगी की कम समय में ज्यादा कपड़ा बनेगा और कारीगर की मेहनत कम होगी। इस तरह के उपकरण हमीदपुरा में प्रदीप तोदी और लालबाग में शेख फरीद, उद्योग नगर में रमेश भाई, इतवारा में जयंती नवलखे आदि के यहां पर अपग्रेड के बाद पावरलूम मशीन चल रही है।
यह भी हो सकता है बदलाव
सादे लूम को आधुनिक लूम की तरह भी बनाया जा सकता है। जिसमें सादे लूम को रेपियर कीट लगाकर शटल लैस लूम में बदला जा सकता है। इससे कांडी मशीन की आवश्यकता नहीं होगी। पॉवर और मेन पॉवर की जरूरत नहीं होगी। पूरा मशीन ऑटोमेटिक हो जाएगा। जिसमें इलेक्ट्रिॉकि कीट लगाई जाती है। साथ ही मशीन की स्पीड २५ प्रतिशत बढ़ जाएगी। बार-बार कांडी बदलने से निजात मिलेगी। पहले एक मशीन पर दस तार पर ४० मीटर कपड़ा बनता है, तो इससे ८० मीटर कपड़ा बनेगा। साथ ही कपड़ा दोषरहित बनेगा। कपड़े में आने वाली शिकायत जैसे कपड़े में चीर, छापा, ठेक आदि की परेशानी दूर होगी। इससे बाजार में दाम भी अच्छे मिलेंगे। इसमें सिलो, कटला पेटी, हत्था निकलकर उसकी जगह पर गाइड हूक और ग्रीपर भी लगाए जा सकते हैं। जिससे धागा मशीन में डलता है। साथ ही वार्प स्टॉफ और वेफ्ट स्टॉफ लगाए जाते हैं। जिससे लूम पर कंट्रोल हो जाता है।
ऐसे करें आवेदन
उद्योग नगर में भारत सरकार वस्त्र मंत्रालय के कार्यालय में आवेदन दे सकते हैं। इसे लिए जरूरी दस्तावेज आधार कार्ड, बिजली का बिल, बैंक की डायरी, टेक्स मार्क (लूम परमिट) के साथ आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद यह आवेदन भारत सरकार के ऑफिस द्वारा आवेदन को क्षेत्रीय कार्यालय इंदौर भेजा जाएगा। जहां से अनुमति प्राप्त होगी।

- पहली बार राज्य सरकार ने केंद्र के साथ ही अनुदान देने की घोषणा से पावरलूम के विकास को गति मिलेगी। उच्च क्वालिटी का कपड़ा बनेगा और रोजगार का सृजन होगा। मंत्री चिटनीस के हम आभारी है। - प्रदीप तोदी, अध्यक्ष लघु उद्योग भारती

मप्र में लूम की संख्या
बुरहानपुर में ३५०००
इंदौर में १८००
उज्जैन में ४०००
जबलपुर में ५००
भोपाल में १०००
बुढनी में ५००
देवास में ५००

७० हजार पावरलूम बुनकर
२५ फीसदी मप्र सरकार देगी सब्सिडी
५० प्रतिशत केंद्र सरकार की घोषणा

बीयू२०२९ : पावरलूम मशीन चलाते बुनकर।