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गाजर घास खाने से पशुओं में बढ़ी एलर्जी की बीमारी

- 43 हजार पशुओं को लगी वैक्सीन

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Allergy disease increased in animals due to eating carrot grass

Allergy disease increased in animals due to eating carrot grass


बुरहानपुर. गोवंशीय पशुओं में बारिश के समय एलर्जी की बीमारी बढ़ गई है। पशुओं द्वारा गाजर घास खाने से शरीर पर खुजली, दाने सहित अन्य लक्षण दिखाई देने से पशु पालक भी परेशान है। पशु पालक उसे लंपी संक्रमण समझ कर पशु चिकित्साकों के पास लेकर पहुंच है, यही कारण है कि जिले में अब तक 43 हजार पशुओं को गोट पॉक्स वैक्सीन लगी है। 14 हजार डोज की डिमांड शासन को भेजी गई है।
शहरी सहित ग्रामीण क्षेत्रों में घूम रहे आवारा और पालतू पशुओं में इस समय एलर्जी की समस्या अधिक है। बाजार में घूम रहे पशु एक दूसरे से संक्रमित होने से शरीर की दाने की तरह निशान भी दिखाई दे रहे है। एलर्जी की समस्या बढऩे के बाद गौवंशीय पशु पालक परेशान है, क्योकि पिछले साल ही लंपी वायरस संक्रमण का असर होने से पशुओं की मौतें हुई थी। ऐसे में जिला प्रशासन ने भी पशु पालकों से अपील कर संक्रमित बीमारियों से बचाव के लिए अपने पशुओं को वैक्सीन लगाने की अपील की है। पशु चिकित्सा विभाग द्वारा प्रदेशभर में लंपी के लेकर अलर्ट जारी करने के बाद जिले में अबतक लंपी का एक भी केस सामने नहीं आया है।
गाजर घास पशुओं के लिए घातक
पशु चिकित्सा विभाग के उप संचालक हीरालाल भंवर ने बताया कि लंपी का संक्रमण अभी जिले में नहीं देखा गया है, लेकिन पशुओं के शरीर पर गाजर घास खाने से एलर्जी हो रही है। क्योकि गाजरघास के पौधे में छोटे-छोटे रोएं पाए जाते हैं जो शरीर के संपर्क में आने पर दाद, खाज, खुजली आदि पैदा करते है और धीरे-धीरे ये दाद बड़े दिखाई देते है। पशुओं के लिए भी यह गाजरघास नुकसानदायक होती है। इसको खाने से पशुओं में अनेक प्रकार के रोग जैसे खुजली, एलर्जी आदि हो जाती है।