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ताप्ती गंगा में बैठकर चली गई दो साल की बेटी, मां-बाप कामायनी एक्स्प्रेस का स्टेशन पर करते रहे इंतजार

टीटीई ने करवाई हैप्पी एंडिंग, भुसावल स्टेशन पर बच्ची को पिता को किया सुुपुर्द

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बुरहानपुर/ ताप्तीगंगा एक्सप्रेस में चढ़कर एक दो साल की बच्ची चली बुरहानपुर स्टेशन से चली गई। उसके माता-पिता को भनक भी नहीं लगी और बुरहानपुर स्टेशन पर ही बैठकर कामायनी एक्सप्रेस का इंतजार करते रहे थे। बच्ची ट्रेन में घुस तो गई लेकिन वहां अपने माता-पिता को नहीं देखकर रोने लगी। ट्रेन भी बुरहानपुर स्टेशन से आगे निकल गई थी, ट्रेन जब खंडवा पहुंची तो वहां चेकिंग के लिए चढ़े टीटीई को वह रोते हुए मिली।

बच्ची बोगी के गेट पर रो रही थी लेकिन कोई सुध लेने वाला नहीं था। टीटीई ने बच्ची से नाम और उसका पता पूछा। उसके बाद टीटीई ने परिजन की तलाश शुरू की तो पता चला कि इसके माता-पिता बुरहानपुर स्टेशन पर कामायनी एक्सप्रेस का इंतजार कर रहे हैं। इस बात की जानकारी भी उन्हें नहीं है कि उनकी बेटी दूसरी ट्रेन में सवार में हो गई है। उसके बाद टीटीई ने वीडियो कॉलिंग से उसकी मां से बात कराई।

खंडवा स्टेशन पर चढ़े टीटीई
ताप्तीगंगा एक्स्प्रेस में खंडवा स्टेशन पर कार्यरत उपमुख्य टिकट निरीक्षक अनिल सोनी और अजय खोसला टिकट चेकिंग के लिए स्टेशन से चढ़े। इनलोगों को बुरहानपुर स्टेशन से ट्रेन रवाना होने के बाद कोच नंबर एस-फोर में टिकट चेकिंग के दौरान दो वर्षीय बालिका बोगी के गेट पर रोते हुए मिली। उसके बाद टीटीई ने आसपास की बोगियों में परिजन को तलाशा। लेकिन कोई नहीं मिला। इसके बाद तत्काल इसकी सूचना भुसावल स्टेशन पर दी। फिर भुसावल और बुरहानपुर स्टेशन पर एनाउंसमेंट कराया।

बेखबर थे माता-पिता
घटनाक्रम के दौरान ट्रेन में बालिका के मिलने की खबर सभी जगह फैल गई। लेकिन उसके माता-पिता बेखबर होकर बुरहानपुर स्टेशन पर कामायनी एक्सप्रेस का इंतजार मुंबई जाने के लिए कर रहे थे। उन्हें खबर भी नहीं थी कि बेटी सूरत जाने वाले ट्रेन पर चढ़ गई है। स्टेशन पर एनाउंसमेंट हुआ तो उन्हें मामले की जानकारी लगी। इसे सुन बालिका के पिता अब्बास हुसैनीवाली और मां मुनीरा दौड़कर टीटीई कार्लालय में पहुंचे और बेटी फातिमा की जानकारी ली।

वाट्सएप पर फोटो से की पहचान
उसके बाद टीटीई ने उधर से वाट्सएप पर फोटो भेजी। जिसे उन्होंने पहचान लिया। इस पर परिजन कामायनी एक्सप्रेस से भुसावल पहुंचे। जहां टीटीई सोनी और फातिमा को सुरक्षित परिजन के हवाले कर दिया। इस दौरान फातिमा के पिता के चेहरे पर खुशी देखने लायक थी। टीटीई की वजह से इस मामले की हैप्पी एंडिंग हो गई।

ऐसे ही बिछड़ गया था खंडवा का शेरू
खंडवा का एक बच्चा शेरू भी अपनी मां से करीब ऐसे ही तीन दशक पहले पांच साल की उम्र में बिछड़ गया था। बाद में उसे ऑस्ट्रेलियाई दंपति ने गोद ले लिया था। बाद में उस पर फिल्म लॉयल बनी। जिसे ऑस्कर के लिए नॉमिनेट किया गया था।