
Burhanpur: Loan of 30 lakhs withdrawn from bank by fictitious documents
बुरहानपुर : फर्जी दस्तावेज लगाकर बैंक से निकाला ३० लाख का लोन
- 23.96 लाख रुपए का जुर्माना
- बीओआई फोफनार शाखा का मामला
धारा 46 7, 471, 46 8 एवं 420 में ५-५ वर्ष के सश्रम करावास
बुरहानपुर. फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर लोन लेने वाले चार आरोपियों को जिला न्यायालय ने पांच साल के लिए जेल भेज दिया। साथ ही २४ लाख के करीब जुर्माने के आदेश दिए। यह फैसला मंगलवार को अपरसत्र न्यायधीश संजीवकुमार गुप्ता की अदालत ने सुनाया।
अतिरिक्त लोक अभियोजक जाहिद हुसैन चौधरी ने बताया कि बैंक ऑफ इंडिया की फोपनार शाखा से आरोपी गजानन पिता लक्षमण निवासी नायर ने १० लाख, विनोद पिता वसंतराव चौधरी निवासी फोपनार ने ३ लाख, ज्ञानेश्वर पिता बुधा निवासी फोपनार ने १० लाख व गजानंद भास्कर पाटिल निवासी अजनाड, महाराष्ट्र ने ७ लाख रुपए का लोन लिया था। सभी आरोपियों ने अपने दस्तावेजों की कूटरचना कर अन्य लोगों की संपत्ती को अपना बताकर लोन लेने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैंक में प्रस्तुत किए। इसके आधार पर बैंक ने लोन दे दिया।
मामले में बैंक के ऋण की जांच में फर्जी दस्तावेजों का खुलासा हुआ था। इसके बाद तत्कालीन बैंक शाखा प्रबंधक कन्हैयालाल चंचलानी ने शिकायत पुलिस थाना शाहपुर मे दर्ज कराई। जांच मे आरोपी विनोद द्वारा बैंक मे ग्राम अंधारी की जमीन के दस्तावेज रखकर 3 लाख रुपए का लोन प्राप्त किया था। मामले में तहसीलदार ने जांच में ग्राम लोखंडिया की जमीन पर आरोपी गजानंद के साथ अन्य का नाम भी दर्ज होना पाया था। सुनवाई के दौरान हस्त लेख विशेषज्ञ राजेश आहुजा ने हस्ताक्षर के मिलान बाबत अपनी साक्ष दी थी। अदालत ने सुनवाई बाद चारों आरोपियों को धारा 46 7, 471, 46 8 एवं 420 में ५-५ वर्ष के सश्रम करावास के साथ गजानंद को 10.25 लाख, ज्ञानेश्वर को 8 .75 हजार लाख, गजांनद को 4.71 लाख व विनोद को 25 हजार रुपए के अर्थ दंड से दंडित किया है। बैंक को जुर्माना राशि के प्रतिकर मे से 23.21 लाख रुपए देने के आदेश दिए है।
Published on:
21 Nov 2017 09:43 pm
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