
MP news. जिले के साथ गांवों के नक्शें भी जल्द बदल जाएंगे।प्रशासन ने 37 वनग्रामों को राजस्व ग्राम बनाने की प्रक्रिया शुरू की हैजो अब अंतिम चरण में पहुंच गईहै।नक्शा, रिकॉर्ड दुरुस्ती का काम पूरी होने ही पट्टेधारी भूमि स्वामी कहलाएंगे।शासकीय योजनाओं के साथ गांव में सडक़, पानी सहित मूलभूत सुविधाएं मिलेगी।
बुरहानपुर और नेपानगर राजस्व अनुविभाग के अलग,अलग गांव शामिल किए गए है।सबसे अधिक शाहपुर, नेपानगर, खकनार और धूलकोट क्षेत्र के वनग्राम शामिल है। जंगलों में बसे गांवों को राजस्व ग्रामों का दर्जा मिलने से गांवों की तस्वीर बदल जाएगी। गांवों में जमीनों का बंटवारा,नामांतरण होने के साथ फसलों की गिरदावरी होने से किसानों को योजनाओं का लाभ मिलेगा।गांव में नए निर्माण और विकास योजनाएं सहित शिक्षा,स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी काम किए जाएंगे। शासन के आदेश पर यह प्रक्रिया लंबे समय से चल रही थी,लेकिन अब सर्वे के बाद नक्शा और रिकॉर्ड दुरुस्ती का काम शुरू हो गया है।
राजस्व के साथ वन विभाग के अफसर, रेंजर, पटवारी, बीट प्रभारियों की संयुक्त बैठक हुई। 37 वन ग्रामों के सर्वेक्षण संख्यां, क्षेत्रफल, ग्राउंड स्थिति से लेकर गांव में निवासरत पट्टाधारियों के कब्जों पर चर्चाकी।तहसीलदार, भू-संसाधन प्रबंधन को इस कार्य के लिए समय सीमा तय की गई।एसएलआर जगन्नाथ वास्कले, वन विभाग एसडीओ अजय सागर के साथ तहसीलदार,वन परिक्षेत्राधिकारी शामिल हुए।
Updated on:
12 Dec 2025 09:37 pm
Published on:
12 Dec 2025 09:37 pm
