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बुरहानपुर

कार्य बंद कर हड़ताल पर गए निगम के सफाई कर्मचारी

- निगम में नारेबाजी कर जताया विरोध

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बुरहनपुर. नगर निगम के सफाई कर्मचारी 18 सूत्रीय मांगों को लेकर सोमवार शाम से प्रदेशव्यापी हड़ताल पर चले गए। रात्रिकालीन सफाई बंद होने के साथ घरों से कचरा एकत्रित करने वाले डोर टू डोर वाहनों के पहिए भी थम गए। सफाई कर्मचारियों ने निगम कार्यालय में एकत्रित होकर जमकर नारेबाजी कर विरोध दर्ज कराते हुए आयुक्त संदीप श्रीवास्तव को ज्ञापन दिया।
अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस संगठन द्वारा प्रदेश की सभी नगरीय निकायों में चरणबद्ध आंदोलन कर रहा था। शासन द्वारा मांगों का निराकरण नहीं किया गया तो कामबंद हड़ताल शुरु की गई। प्रदेश संगठन मंत्री कालू जंगाले ने कहा कि लंबे समय से कर्मचारी अपनी मांगों के निराकरण के लिए शासन से मांग कर रहे थे। अबतक केवल आश्वासन मिला है, सफाई कर्मचारियों की मांगें लंबित हैं, जिन पर कोई निर्णय नहीं लिया जा रहा है। 500 से अधिक सफाई कर्मचारी भूखमरी का शिकार हो रहा है। एक दिन पूर्व ही नेपानगर के सफाई कर्मचारी के आत्महत्या करना पड़ी। कर्मचारियों के प्रति ऐसा मनमानी को बंद कर अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही होना चाहिए।
एक घंटे तक चलाया विरोध
दोपहर 2 बजे से कर्मचारियों ने कामबंद हड़ताल शुरू की। शाम 4 बजे नियमित एवं ठेके पर कार्यरत सभी सफाई कर्मचारी परिसर में जमा हुए। आयुक्त कक्ष के बाहर धरने पर बैठकर नारेबाजी की। लंबित मांगों को लेकर ज्ञापन देने के बाद परिसर के बाहर भी जमा होकर मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। ठेके पर कार्यरत कर्मचारियों का समर्थन होने से इसका असर शहर की सफाई व्यवस्थां पर पड़ेगा। नियमित उठने वाला कचरा साफ नहीं होने से शहर में लोगों को गंदगी का सामना करना पड़ सकता है।