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Dattatreya Bhagwan की सबसे सुंदर प्रतिमा, आग में सिद्ध श्रीयंत्र पर है स्थापित

आग में सिद्ध श्रीयंत्र पर है स्थापित

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datta mandir burhanpur news

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बुरहानपुर. बुधवार को दत्त जयंती का महोत्सव मनाया जा रहा है। इस मौके पर राजघाट रोड स्थित दत्त मंदिर में कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। शाम 6 बजे जन्मोत्सव मनाया जाएगा। 5 दिसंबर से प्रारंभ इस महोत्सव में सुबह 8 बजे से गुरु चरित्र का पाठ शुरू हुआ। इसके बाद भगवान का लघुरुद्राभिष्ेाक, शृंगार, आरती, शाम 5 बजे हरिकीर्तन और उसके बाद जन्मोत्सव मनाया जाएगा।


116 साल पहले स्थापित की थी दत्त भगवान की प्रतिमा
श्री विष्णु दत्त मंदिर की स्थापना 116 वर्ष पहले हुई थी, जो आज तक भक्तों की आस्था का केंद्र है। 116 वर्ष पहले 3 दिसंबर 1903 को भगवान श्री दत्तात्रेय की प्रतिमा स्थापित हुई थी। इसकी विशेषता है कि इसे दत्तयाग की अग्नि में सिद्ध श्रीयंत्र पर स्थापित किया गया है। इस कारण इस सबसे सुंदर प्रतिमा का महत्व और भी बढ़ जाता है। मंदिर के व्यवस्थापक संतोष दलाल ने बताया कि 1903 में काशी, वाराणसी के पंडित गाग भट्ट ने प्रतिमा स्थापना के लिए दत्तयाग किया था। उनके साथ बुरहानपुर के राजुलकर शास्त्री, लीलाशंकर शुक्ल, विष्णुपंथ शेष ने दत्त याग की अग्नि में पंच धातु का श्रीयंत्र सिद्ध कर प्रतिमा के नीचे स्थापित किया था। इस पर कमल का फूल लगाकर प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा हुई थी।

मकराना मार्बल की बनी 4.50 फीट ऊंची प्रतिमा मुंबई से लाई गई थी मकराना मार्बल की बनी 4.50 फीट ऊंची प्रतिमा मुंबई से लाई गई थी और यह एक ही पत्थर को तराशकर बनाई गई है। मंदिर में प्रतिमा स्थापना के बाद से प्रतिवर्ष मार्गशीर्ष माह में अष्टमी से पूर्णिमा तक जयंती महोत्सव का आयोजन होता रहा है। मंदिर में दिसंबर 1968 में दूसरी बार दत्त याग का आयोजन हुआ था। वर्ष 1990 में मंदिर का जीर्णोद्धार कर यहां मार्बल लगाया गया और लकड़ी की नक्काशी की गई थी।