लेडी सिंघम से मशहूर डिप्टी कलेक्टर पर गिरी गाज : फर्जी खाता खोलकर निकाले गरीबों के 42 लाख रुपये

42 लाख के गबन में फंसी डिप्टी कलेक्टर विशा माधवानी।

By: Faiz

Published: 17 Jun 2021, 12:54 PM IST

बुरहानपुर/ मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले से बोरबन तालाब अधिग्रहण राशि घोटाला उजागर हो गया है। मामला नेपानगर के चौखंडिया का है, इसमें तत्कालीन एसडीएम और झाबुआ की डिप्टी कलेक्टर विषा माधवानी समेत 9 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है। घोटाले की कार्रवाई नेपानगर पुलिस कर रही है। इस संबंध में बुरहानपुर एसपी ने बताया कि, इन लोगों पर आदिवासी ब्लॉक खकनार के 15 आदिवासी किसानों के साथ 42 लाख रुपए का फर्जीवाड़ा हुआ है, जिसमें विषा माधवानी समेत 9 लोगों को आरोपी माना गया है।

 

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झाबुआ में कर्यरत हैं SDM विशा माधवानी

आपको बता दें कि, मामले की जांच बुरहानपुर ADM द्वारा की गई थी। इसी आधार पर आरोपियों पर धोखाधड़ी, गबन, आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज किया गया है। ये भी बता दें कि, फिलहाल एसडीएम विशा माधवानी झाबुआ जिले में कार्यरत हैं।

 

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जानिये क्या है मामला

गौरतलब है कि, साल 2018-2019 में बोरबन तालाब निर्माण में 15 करोड़ रुपए खर्च हुए थे, जिसकी आधी राशि निर्माण और आधी राशि मुआवजे पर खर्च हुई थी। इसी में आदिवासी रामेश्वर कल्लू की 15 एकड़ जमीन भी शामिल थी, उसे भी मुआवजे की राशि देनी थी। लेकिन, इसी बीच आरोप लगा कि, संबंधित अफसरों और बैंक कर्मियों ने मिलकर फर्जीवाड़े से हितग्राहियों के नाम का फर्जी खाता खोला है, जिसकी मदद से इन्होंने 42 लाख रुपये निकाले हैं। मामले की 45 दिन तक जांच चली, जिसके बाद विशा माधवानी समेत उनके लिपिक पंकज पाटे, बैंक मैनेजर अशोक नागनपुरे, बैंककर्मी अनिल पाटीदार, होमगार्ड जवान समेत अन्य लोगों को दोषी मानते हुए कार्रवाई की गई।

 

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