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इंदौर-इच्छापुर फोरलेन की जगी उम्मीद, अफसरों ने किया दौरा

- कलेक्टर से की इंदौर से इच्छापुर मार्ग निर्माण पर चर्चा- एनएचएआई करेगा निर्माण

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 Expectation of Indore-Ichhapur forelane, officers visited

Expectation of Indore-Ichhapur forelane, officers visited

बुरहानपुर. इंदौर-इच्छापुर हाईवे को फोरलेन रोडनिर्माण के लिए कार्यवाही शुरू हो गई है। मप्र सड़क विकास निगम के अतिरिक्त प्रबंधक संचालक सुदामा खाड़े ने बुरहानपुर में हाईवे का दौरा किया। उनके साथ एनएचएआई एवं मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। फोरलेन निर्माण के लिए जिला कलेक्टर राजेश कुमार कौल से निर्माण एवं भू.अर्जन कार्य के लिए चर्चा की गई। उमीद जगी है कि जल्द भू अर्जन की कार्यवाही शुरू होगी।
इंदौर इच्छापुर हाईवे पर आए दिन हो रहे हादसे के बाद अब इसकी सुध ली जा रही है। मप्र सड़क विकास निगम के सहायक महाप्रबंधक प्रतीक शर्मा ने बताया कि इंदौर-इच्छापुर हाईवे को फोरलेन बनाने के लिए अफसरों ने दौरा किया है। कलेक्टर से भी चर्चाकी गई है। अफसरों के दौरे से उमीद जगी है कि अब जल्द फोरलेन की गतिविधि शुरू होगी।
ेऐसी है रोडकी हालत
इंदौर-इच्छापुर राज्य मार्ग किलर-वे बन गया है। बुरहानपुर से कटी घाटी तक ३० किमी की सड़क में ५० अंधे मोड़ लोगों की जान ले रहे हैं। आए दिन यहां दुर्घटनाएं होने से हंसते-खेलती जिंदगी मौत के मुंह में समा रही है। इन हादसों को रोकने के लिए हाईवे को फोरलेन बनाने को लेकर प्रक्रिया पिछले कई साल से चल रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी।
यह है डेंजर जोन-
हाइवे पर सबसे अधिक दुर्घटनाएं बोलती पहाड़ी के पास होती है। जहां तीन किमी में लगातार चार अंधे मोड़ आते हैं। यह डेंजर जोन में आता है।
गणपति थाना के पास मोड़ पर भी दुर्घटना का अंदेशा रहता है।
इमली नाले पर टर्न होने से यहां अधिकांश कंटेनर पलटते हैं। अनजान चालक होने से तेज गति से वाहन चलाने के चक्कर में यह हादसे होते हैं।
चौड़ा नाला के पास टर्न पर ढलान वाला मार्ग होने से हादसे अधिक होते हैं। कई बार इसी मोड़ पर घटनाएं हुई है।
२०१४ में शुरू हुईथी प्रक्रिया
2014 में प्रदेश सरकार ने इंदौर-इच्छापुर के 205 किमी हाईवे को फोरलेन करने के लिए स्वीकृति दी थी। हाईवे के उन्नयन पर एमपीआरडीसी ने टेंडर प्रक्रिया शुरू की थी। दो साल में फोरलेन पूरा होना था, लेकिन बाद में पूरी कार्यवाही ठंडे बस्ते में चली गई। इस कार्यवाईमें २०५ किमी लंबा फोरलेन बनना थी। इसकी 2 हजार करोड़ लागत आंकी गईथी। इसमें 79 पुलियाएं व पुल बनना थे। अब फोरलेन की जिमेदारी नेशनल हाईवे के पास है।
इसलिए रहता है अधिक दबाव
इंदौर से बुरहानपुर, महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों में माल पहुंचाने का मुय मार्ग है। बुरहानपुर में 11 से अधिक गांव और नगर हाईवे किनारे बसे हैं। इस पर वाहनों की आवाजाही से आए दिन हादसे होते हैं।
- एनएचआई फोरलेन बनाएगा। इसकी कार्यवाही जल्द शुरू होगी। अफसर आए थे इसे लेकर चर्चाकी है।
- राजेश कुमार कौल, कलेक्टर