5 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

catch_icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

दो नदियों में आई ऐसी बाढ़, पूरी तरह डूब गए कई गांव, युवक बहा, कई लोग पेड़ों पर चढ़े, VIDEO

मोहना नदी में बाढ़ से फोपनार गांव डूबा, जसौंदी में एक व्यक्ति बहा, लोगों ने पेड़ पर चढ़कर बचाई जान। 8 घंटे में सवा पांच इंच हुई बारिश।

3 min read
Google source verification
Flood in MP

दो नदियों में आई ऐसी बाढ़, पूरी तरह डूब गए कई गांव, युवक बहा, कई लोग पेड़ों पर चढ़े, VIDEO

इन दिनों मध्य प्रदेश के अधिकतर इलाकों में मुसलाधार बारिश का दौर जारी है। वहीं, बात करें सूबे के बुरहानपुर जिले की तो यहां बारिश लोगों पर कहर बनकर टूटी है। शुक्रवार रात से जारी बारिश ने शनिवार की सुबह रौंद्र रूप धारण कर लिया। वहीं, 9 सुबह बजे से शाम 5 बजे के बीच सवा पांच इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। इससे ताप्ती नदी उफान पर आ गई है। जबकि, सहायक मोहना नदी में बाढ़ आ गई है। इस बाढ़ के कारण नदी से सटे फोपनार गांव पूरी तरह डूब गया है। जबकि, शाहपुर से लगे जसौंदी में अंजनडोह नाला उफान पर आने के कारण किनारे के मकान भी डूब में आ गए हैं।


हालात ये हैं कि, अधिकतर लोग ऊंचे छप्परों और पेड़ों पर चढ़कर बैठे हुए हैं। जबकि, जान बचाकर निकलने के दौरान एक युवक बाढ़ के पानी में बह गया है, जिसकी तलाश की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, करीब तीन घंटे यहां 10 फीट तक पानी भरा हुआ था। बारिश रुकने के बाद अब धीरे-धीरे पानी उतरने लगा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि, बारिश का ऐसा कहर पहली बार गांवों में देखने को मिला है।

यह भी पढ़ें- इस स्कूल में घूम रहा है नरकंकाल जैसा भूत, डर से बच्चों ने आना छोड़ा, टीचर परेशान


मोहना और अमरावती नदी में आए उफान से बिगड़े हालात

हर बार बारिश में ताप्ती नदी में आने वाली बाढ़ से निपटने के सुरक्षा के इंतजाम किए गए, लेकिन पहली बार मोहना और अमरावती नदी ने विकराल रूप धारण किया है, जिससे फोपनार गांव में मोहना नदी का पानी आ गया। पानी बढ़ने की रफ्तार इतनी तेज थी कि, लोग कुछ समझ ही नहीं पाए। सुबह 9 बजे पानी घुसा और 3 बजे तक 150 से अधिक मकानों वाला ये गांव पूरा तरह डूब गया।


इतनी तेजी से बिगड़े हालात

हालांकि, स्थितियां बिगड़ती देख स्थानीय लोगों ने स्वयं ही समय रहते रेस्क्यू शुरु कर दिया। इस दौरान पहले गांव की महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। इसके बाद जिनता हो सका, अपने घरों का सामान बचाने का प्रयास किया गया। हैरानी की बात तो ये है कि, गांव में बाढ़ के हालात इतनी तेजी से बने कि, समय रहते सुरक्षाबलों के साथ साथ पुलिस भी गांव तक नहीं पहुंच सकी। क्योंकि, तेज बारिश से रास्ते भी नष्ट हो गए हैं। फिलहाल, सचिव मोहन अस्वार का कहना है कि, फिलहाल बाढ़ पीड़ितों को सामूदायिक भवन में ठहराया गया है।


जसौंदी में पत्नी बची, पति बहा, मवेश डूबे

शाहपुर से आगे जसौंदी गांव में अंजनडोह नाला उफान पर आ गया। फोपनार सचिव मोहन अस्वार जसौंदी गांव के ही रहने वाले हैं। उनका कहना है कि, यहां पहाड़ी इलाके से अचानक गांव में पानी आ गया। नाले में बाढ़ आने से पानी किनारे पर बने करीब 30 मकानों में आ घुसा। लोग अपनी जान बचाते हुए सुरक्षित स्थान पर जाने लगे, पानी बढ़ता गया। इसमें 55 वर्ष के करीब लक्षमण नाम का व्यक्ति और उनकी पत्नी फंस गए थे, पत्नी तो जैसे तैसे निकल गई, लेकिन लक्षमण पानी के तेज बहाव में बह गया। खबर लिखे जाने तक युवक का कही पता नहीं चल सका है। फिलहाल, उसका रेस्क्यू किया जा रहा है।


दो ग्रामीणों ने पेड़ पर चढ़कर बचाई जान

इसके अलावा बाढ़ के बहाव में बहे दो अन्य लोगों ने आगे जाकर एक पेड़ पकड़ लिया, जिसपर चढ़कर उन्होंने अपनी जान बचाई। बताया जा रहा है कि, करीब 3 घंटे दोनों ग्रामीण पेड़ पर ही अटके रहे। वहीं, गांव में अलग अलग ग्रामीणों के कई बकरियों समेत एक बैल बह गया, जबकि एक अन्य बैल की बंधे रह जाने के कारण डूबकर मौत हो गई।


यहां भी बिगड़े हालात

इसके अलावा, नेपानगर में स्थित सड़कें पूरी तरह जल मग्न हो गई। गुरुद्वारा समेत कई मकानों में पानी घुस गया। अंबाड़ा गांव में भी पानी घुस गया। शहरी क्षेत्र में पांडारोल नाले किनारे बने मकानों में भी पानी भर गया।