2 अप्रैल 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सरकारी स्कूलों में नहीं बचे खेल मैदान, जहां दौड़ते थे बच्चे अब खड़े हैं भवन

खेलकूद से वंचित हो रहा बचपन पत्रिका मैदान बचाओ, बचपन बचाओ अभियान Burhanpur. शिक्षा के साथ बच्चों के सर्वागींण विकास के लिए खेलकूद भी जरुरी है। लेकिन शहर की अधिकांश शासकीय स्कूलों में खेल मैदान ही छोटे होते जा रहे है। नए भवनों का निर्माण किया जा रहा है तो कही आसपास बढ़ते अतिक्रमण और […]

2 min read
Google source verification
burhanpur government school

government school

खेलकूद से वंचित हो रहा बचपन

पत्रिका मैदान बचाओ, बचपन बचाओ अभियान

Burhanpur. शिक्षा के साथ बच्चों के सर्वागींण विकास के लिए खेलकूद भी जरुरी है। लेकिन शहर की अधिकांश शासकीय स्कूलों में खेल मैदान ही छोटे होते जा रहे है। नए भवनों का निर्माण किया जा रहा है तो कही आसपास बढ़ते अतिक्रमण और वाहन पार्किंग होने से मैदान में खेलकूद प्रतियोगिता नहीं हो रही। ऐसे में बच्चों में छिपी खेल प्रतिभाएं बाहर नहीं आ रही है।

दरअसल केरल हाईकोर्ट ने छात्रों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए स्कूलों में खेल मैदानों को बचाने के लिए एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। पढ़ाई के साथ छात्रों के खेलने के अधिकार को भी उनके सर्वांगीण विकास के लिए एहम माना है। बुधवार को पत्रिका टीम ने शहर की आधा दर्जन से अधिक शासकीय स्कूलों में पहुंचकर स्थिति देखी तो अधिकांश स्कूलों में खेल मैदान गायब होते नजर आ रहे है। नए अतिरिक्त भवनों का निर्माण किया जा रहा है तो कही आसपास बढ़ते अतिक्रमण की रोकथाम के लिए मैदान की जमीन को छोडकऱ बाउंड्रीवॉल कर दी गई। नए निर्माण बढऩे से खेल के मैदान का उपयोग प्रभावित हो रहा है।

पुरुषार्थी स्कूल

शासकीय हाइ सेकेंडरी पुरुषार्थी स्कूल के मैदान के आसपास अतिक्रमण अधिक बढ़ गया। स्कूल का पहले मैदान बड़ा होने से यहां पर खेलकूद प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती थी। लेकिन नए भवनों का निर्माण होने के साथ आसपास के क्षेत्र में अतिक्रमण तेजी से बढ़ गया। प्रशासन से शिकायतें करने के बाद आसपास का अतिक्रमण हटाया तो गया,लेकिन अधिकांश हिस्सों में आज भी पक्के एवं कच्चे निर्माण होने पर खेल मैदान की जमीन को छोडकऱ बाउंड्रीवॉल की गई। जिससे मैदान काफी कम हो गया है। ऐसे में यहां पर बड़े आयोजन तक नहीं होते है।

मोहम्मदपुरा

शहर से लगे मोहम्मदपुरा गांव की नवीन माध्यमिक स्कूल का खेल मैदान ही खत्म हो गया। जिस मैदान में पहले विद्यार्थी खेलकूद करते थे उस मैदान में एक आंगनवाड़ी भवन और शौचालय का निर्माण कर मैदान को ही खत्म कर दिया गया। जबकि मुख्य गेट पर वाहनों की पार्किंग होने से विद्यार्थी खेल नहीं पाते है। कही बार स्कूल गेट और दीवार के आसपास दो पहिया वाहनों की पार्किंग होती है। यही हाल गांव की प्राथमिक स्कूल का भी है। मैदान की जगह पर नए भवन निर्माण करने से मजबूरी में विद्यार्थियों को खेलकूद के लिए स्कूल परिसर से बाहर निकालना पड़ रहा है।

शिक्षा के साथ खेलकूद जरुरी
स्कूलों में मैदान केवल खेल के लिए नहीं, बल्कि बच्चों के मस्तिष्क और मांसपेशियों के विकास के लिए भी जरूरी है। जिले की अधिकांश सरकारी स्कूलों के खेल के मैदान खत्म होने लगे है। स्कूलों में हर साल खेलकूद सामग्री के लिए राशि मिलने के बाद भी कही जगहों पर पर्याप्त सामग्री नहीं मिलती है।

  • स्कूल मैदानों में अगर अतिक्रमण और नए निर्माण हो रहे है तो दिखवाते है। मैदान को सुरक्षित रखने के लिए बाउंड्रीवॉल बनाई जाती है।रोहिणी पवार, जिला शिक्षा अधिकारी,बुरहानपुर