बुरहानपुर. जिला अस्पताल में ठेके पर कार्यरत कर्मचारी मंगलवार को ठेका पद्धति खत्म करने एवं ठेकेदार द्वारा कलेक्टर रेट से कम वेतन दिए जाने के विरोध में लामबंद होकर कलेक्टर कार्यालय पहुंच गए। नारेबाजी कर जनसुनवाई में अपर कलेक्टर शैलेंद्र सिंह सोलंकी से शिकायत की। सिविल सर्जन को जांच कर कम वेतन देने वाले ठेकेदार पर अपराधिक प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए गए।
कर्मचारी राजेश पाटील, सचिन तायडे, निलेश सारवान नेक हा कि अस्पताल में सफाई, सुरक्षा, वार्डबॉय सहित अन्य पदों पर करीब 150 से अधिक कर्मचारी कार्यरत है। तीन माह से वेतन नहीं मिलने के साथ जनवरी माह से हुए नए ठेकेदार द्वारा कर्मचारियों को कलेक्टर रेट से कम 6 हजार रुपए ही वेतन का भुगतान किया गया। जबकि कलेक्टर रेट 9 से 12 हजार रुए है। वेतन कम मिलने के विरोध में मंगलवार को सभी कर्मचारियों ने काम बंद करते हुए रोगी कल्याण समिति में रखकर ठेका पद्धति को खत्म करने की मांग की। पिछले 5 साल से पीएफ की राशि भी ठेकेदारों द्वारा काटने के बाद भी कर्मचारियों को नहीं देने की बात कही।
एडीएम बोले कराएंगे एफआइआर
अस्पताल कर्मचारियों की शिकायत के बाद अपर कलेक्टर शैलेंद्र सिंह सोलंकी ने सिविल सर्जन डॉक्टर प्रदीप मोजेस को कॉल कर कर्मचारियों की समस्या का निराकरण करने के साथ वेतन कम देने सहित ठेके की शर्ताे का पालन नहीं करने पर जांच कर अगर ठेकेदार दोषी पाया जाता है तो ठेकेदार के खिलाफ अपराधिक प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए।