
Lokhandiya Moti Mata Mandir
डोईफोडिय़ा. मालवा-निमाड़ क्षेत्र अपनी पुरा संपदाओं के लिए जाना जाता है। इसके साथ ही यहां के धार्मिक स्थलों की भी कई दास्तानें हैं। क्षेत्र में हमेशा धार्मिक गतिविधियां होती रहतीं हैं जिसके कारण वातावरण धर्ममय बना रहता है। यहां के कुछ मंदिरों को तो राष्ट्रीय स्तर पर जाना जाता है। क्षेत्र के कुछ धार्मिक स्थल ऐसे भी हैं जोकि ज्यादा प्रसिद्ध तो नहीं हैं पर स्थानीय लोगों के लिए ये आस्था और विश्वास के प्रतीक हैं।
एक ऐसा ही स्थल लोखंडिय़ा मोती माता देवी का मंदिर भी है जोकि सिद्ध स्थल के रूप में जाना जाता है। मोती माता के दर्शन करने और उनका आशीर्वाद लेने के लिए सालभर यहां बड़ी संख्या में भक्त आते हैं।
मोती माता देवी के इस मंदिर के बारे में कई किवंदंतियां कहीं जातीं हैं। बताया जाता है कि यह मंदिर सिद्ध स्थान हैं, यहां आनेवालों की मन की मुराद पूरी जरूर होती है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि यहां स्थापित माता की मूर्ति को किसी ने बनाया नहीं है। यह मूर्ति स्वयंभू है। मंदिर के कर्ताधर्ता और पुराने भक्त बताते हैं कि मंदिर में स्थापित मोती माता खुद प्रकट हुई थीं अर्थात इस स्थान पर माता की मूर्ति खुद ब खुद स्थापित हुई हैं। मंदिर और मां की इस प्रतिमा के चमत्कारों के कई किस्से कहे-सुने जाते हैं।
इस समय यहां मेला लगा हुआ है। ऐसे में माता के दर्शन करने आए मंदिर में श्रद्धालओुं की कतार लग रही है। शुक्रवार को सांसद नंदकुमारसिंह चौहान, शनिवार को पूर्व सांसद अरुण यादव ने माता के दर्शन किए थे। रविवार को कलेक्टर राजेश कुमार कौल ने मोती माता के दर्शन कर मेले की व्यवस्था देखी। माता के दर्शन के लिए 200 मीटर लंबी लाइन लग लग रही है, कम से कम 30 मिनट के इंतजार के बाद ही माता के दर्शन का पुण्य लाभ मिल पा रहा है।
Published on:
13 Jan 2020 10:40 pm
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