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डीइओ से बोली छात्राएं, शिक्षकों को नहीं आता उर्दू पढऩा, हमें कैसे पढ़ाएंगे

- गैर उर्दू भाषी शिक्षकों का विरोध

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बुरहानपुर. शासकीय उर्दू कन्या स्कूल हरीरपुरा की छात्राओं ने स्कूल में गैर उर्दू भाषी शिक्षकों का विरोध करते हुए डीइओ कार्यालय पहुंचकर हंगामा किया। छात्राओं द्वारा नारेबाजी करने के बाद आधे घंटे बाद डीइओ संतोष सिंह सोलंकी कार्यालय पहुंचे। छात्राओं ने कहा कि गैर उर्दू भाषी शिक्षकों को उर्दू पढऩा नहीं आती है, हमें कैसे पढ़ाएंगे, हमारी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
शिक्षा विभाग द्वारा सरकारी स्कूलों में रिक्त शिक्षकों के पदों पर अतिशेष शिक्षक ट्रांसफर प्रक्रिया के तहत दूसरी स्कूलों में शिक्षक पढ़ाने के लिए भेजे। हरीरपुरा कन्या उर्दू स्कूल में भी इतिहास, कोमर्स सहित अन्य विषय पढ़ाने के लिए गैर उर्दू भाषी शिक्षकों की नियुक्तियां कर दी, जिससे यहां पर पढ़ाने वाले अतिथि शिक्षक बाहर हो गए। छात्रा अफसारा बानों ने कहा कि हमें पढ़ाने के लिए पहुंच रहे शिक्षकों को उर्दू भाषा नहीं आती है वह में कैसे उर्दू में पढ़ाएंगे। स्कूल प्राचार्य से भी इस समस्या का निराकरण करने को कहा गया, लेकिन विभाग के आदेश होना बताया गया।अगर हमें उर्दू भाषी शिक्षक नहीं मिलेंगे तो हमारी पढ़ाई प्रभावित होती। अगर हिंदी भाषी शिक्षकों को हटाकर उर्दू भाषी शिक्षक नहीं भेजे गए तो हम स्कूल में तालाबंदी कर आंदोलन करेंगे।
उर्दू शिक्षकों की करेंगे व्यवस्था
जिला शिक्षा अधिकारी संतोष ङ्क्षसह सोलंकी ने कहा कि छात्राओं ने गैर उर्दू भाषी शिक्षकों सहित किताबों की समस्याएं बताई है। शैक्षणिक कार्य के लिए जिन हिंदी स्कूलों में उर्दू के शिक्षक है उनकी व्यवस्था करेंगे, जबकि हिंदी के शिक्षकों को हिंदी शालाओं में भेजा जाएगा। किताबों के लिए सभी प्राचार्य को पूर्व की तरह फोटो कॉपी कराकर विद्यार्थियों को देने के निर्देश दिए गए है।