बुरहानपुर. कोरोना महामारी के बाद से बंद लालबाग ताप्ती मिल के मजदूरों के सब्र का बांध सोमवार को टूट गया। मजदूरों ने मिल गेट के बाहर नारेबाजी कर मिल दोबारा शुरू करने की मांग की। एनटीसी से मजदूरों को मिलने वाला आधा वेतन भी 7 माह से मिलना बंद हो गया, जिससे परिवारों के सामने संकट खड़ा हो गया है। हंगामे की सूचना पर सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, विधायक अर्चना चिटनीस ने आधे घंटे तक मिल प्रबंधन,श्रमिकों यूनियनों के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। मिल दोबारा से शुरू करने के लिए मजदूरों को प्रधानमंत्री से लेकर केंद्रीय कपड़ा मंत्री तक से मुलाकात करने का आश्वासन दिया।
नेशनल टेक्स्टाइल कार्पोरेशन (एनटीसी) की ताप्ती मिल का संचालन पांच साल से बंद है। केंद्र सरकार ने अभी तक मिल को दोबारा चालू नहीं किया। एनटीसी की 25 मिलों में से ताप्ती पहले पायदान पर थी। हर साल 85 से 95 करोड़ का टर्नओवर होता था। दैनिक और नियमित मिलाकर करीब 1200 से अधिक मजदूर कार्यरत हैं। बुरहानपुर की मिल फायदे में होने से दोबारा चालू करने की मांग उठ रही है। सोमवार सुबह 10 बजे से मिल मजदूरों का गेट के सामने जमा होना शुरू हो गया। पहले रोड पर बैठने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने हटा दिया। गेट पर धूप में ही खड़े होकर कर्मचारियों ने सांसद, विधायक के सामने भी नारेबाजी कर विरोध दर्ज कराया।
प्रबंधन से मांगा जवाब
ताप्ती मिल दोबारा से शुरू करने एवं मजदूरों का रुका वेतन भुगतान के प्रयास पर प्रबंधन से सांसद-विधायक ने जवाब मांगा। कारखाना प्रबंधन ने कहा कि नए सीएमडी ने कार्यभार संभाला है। उन्हें पत्र लिखकर मिल की स्थिति से अवगत कराया है। उम्मीद है सरकार जल्द ही मिल शुरू करेगी क्योंकि बुरहानपुर की मिल फायदे में है। एनटीसी अपने टीडीआर देकर मिलने वाली राशि से वेतन भुगतान कर रही है। अभी एक टेंडर निरस्त होने से यह समस्या हुई है, जल्द ही नए टीडीआर होते ही भुगतान हो जाएगा।