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जनता की जेब पर युद्ध का असर, गैस, तेल के बाद अब ऑटो का कराया बढ़ा

Impact of LPG crisis

Impact of LPG crisis

एलपीजी संकट का असर

बुरहानपुर. ईरान,इजराइल,अमेरिका युद्ध का सीधा असर जनता की जेब पर पड़ रहा है। एलपीजी गैस की किल्लत बढऩे से ऑटो रिक्शा के पहिए थम रहे है। 42 से 100 रुपए किलो गैस के दाम बढऩे पर ऑटो का किराया भी दो गुना बढ़ गया। गरीब एवं मध्यम वर्गीय परिवार परेशान हो रहे है।

शहर की सडक़ों पर करीब 500 से अधिक ऑटो दौड़ते है। जिसमें अधिकांश ऑटो एलपीजी गैस पर होने से पंप पर खपत बढ़ रही थी। युद्ध के चलते गैस नहीं मिलने से ऑटो बंद करने की नौबत आ गई है। पिछले करीब एक सप्ताह से किल्लत बढ़ गई। ऐसे में पंप पर लाइन बढऩे के साथ खपत बढऩे लगी है साथ ही कंपनी ने स्क्रीम को बंद कर रेट भी दोगुना बढ़ा दिए। पहले 8 हजार किलो खपत थी जो बढकऱ 2500 से 3 हजार किलोग्राम तक पहुंच गई है। कंपनी पहले 42 रुपए किलो बेचती थी जो युद्ध और संकट के चलते 100 रुपए किलो तक रेट बढ़ा दिए गए है।

दोगुना बढ़ गया किराया
गैस की किल्लत को देखते हुए ऑटो चालकों ने शहर में किराया भी बढ़ा दिया है। पहले एक या तीन किमी के 30 से 50 रुपए तक किराया लिया जाता था, अब 70 से 100 रुपए तक लिया जा रहा है। पंप पर गैस नहीं मिलने पर ऑटो चालकों ने घरेलू एलजीपी का भी उपयोग करना शुरू कर दिया। ऐसे में किल्लत के बीच गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों पर इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है। किराया बढऩे से यात्री भी परेशान हो रहे है।