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महापौर कांग्रेस उम्मीदवार के यह प्रमुख मुद्दे

- 2010 में 4100 वोट से चुनाव हारी शहनाज अंसारी को फिर कांग्रेस ने बनाया उम्मीदवार- 2015 में पति इस्माइल को दिया था टिकट - गौरी शर्मा और शहनाज खान के बीच चल रही थी टिकट की खींचतान

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These major issues of mayor congress candidate

These major issues of mayor congress candidate

बुरहानपुर. नगर निगम चुनाव में टिकट को लेकर मची आपाधापी के बीच कांग्रेस ने गुरुवार रात अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया। 2010 में महापौर का चुनाव लडऩे वाली शहनाज अंसारी पर फिर विश्वास जताते हुए कमलनाथ ने टिकट दे दिया। पिछली बार 2015 में उनके पति इस्माइल अंसारी को भी टिकट दिया था, जो भाजपा के उम्मीदवार से हारे थे। इस बार खुद इस्माइल अंसारी गौरी शर्मा के समर्थन में टिकट के लिए भोपाल पहुंचे थे, रास्ते में उन्हें पत्नी का टिकट फाइनल होने की खबर मिली। टिकट तय होने के बाद शहनाज अंसारी ने कहा कि शहर में पानी की बहुत समस्या है, इसे दूर करेंगे, गड्ढे खुदे हैं इसका निराकरण करेंगे। शहर विकास ही पहली प्राथमिकता है।
टिकट को लेकर कई दिनों से चल रही जद्दोजहद के बाद दावेदार भोपाल तक दौड़ लगाने लगे। अरुण यादव गुट से शहर अध्यक्ष अजय रघुवंशी पूर्व निगम अध्यक्ष गौरी शर्मा के लिए टिकट की जद्दोजहद में लगे थे। जबकि पूर्व विधायक रविंद्र महाजन, हमीद काजी, जिला महामंत्री रिंकु टांक गुट अल्पसंख्यक से शहनाज नफीस मंशा खान के लिए टिकट की मांग कर रहे थे। कमलनाथ ने अंतिम मुहर शहनाज अंसारी के नाम पर करने के बाद पूर्व सांसद अरुण यादव के हाथ से उनके गुट से गौरी शर्मा का टिकट कट गया। हालांकि सूची जारी होने के बाद भी शहनाज खान के समर्थक जिला महामंत्री रिंकु टांक ने यह कहा कि नाम को लेकर हम और भोपाल में संपर्क कर रहे हैं।

2010 के चुनाव में भी मिली थी हार:
2010 के चुनाव में भाजपा से अतुल पटेल की पत्नी माधुरी पटेल और कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष इस्माइल अंसारी की पत्नी शहनाज अंसारी चुनाव मैदान में थीं। इसके अलावा एनसीपी से रजनी चौहान ने चुनाव लड़ा था। माधुरी पटेल ने लगभग 55 हजार मत लेकर लगभग साढ़े छ हजार मतों से जीत दर्ज कराई थी। यहां 4100 वोट से शहनाज अंसारी हारी थी। इसके बाद 2015 में शहनाज के पति इस्माइल अंसारी ने चुनाव मैदान में उतारा। जहां भाजपा से अनिल भोसले से वे 4 हजार मत से हारे थे।

2005 से भाजपा प्रत्याशी की जीत
2005 में भाजपा से अतुल पटेल ने 33 हजार मत लेकर जीत दर्ज कराई थी। इस चुनाव में अतुल पटेल के सामने कांग्रेस से अजयसिंह रघुवंशी और निर्दलीय प्रत्याशी अब्दुल रब सेठ थे। तीन बड़े नेताओं के चुनाव मैदान में होने से मत भी विभाजित हुए। अजयसिंह रघुवंशी को 27 हजार और अब्दुल रब को 21 हजार मत मिले थे। इन चुनावों में भी भाजपा, कांग्रेस के अलावा कई बड़ा नेता निर्दलीय चुनाव लड़ता है तो मत विभाजित हो सकते हैं। जीत.हार का अंतर कम हो सकता है।

भोपाल में लगा दावेदारों का जमावड़ा
दो दिन पहले चुनाव प्रभारी के सामने दावेदारी जताने के बाद गुरुवार को कांग्रेसियों का जमावड़ भोपाल में लगा रहा। दावेदार दिनभर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह, पूर्व सांसद अरुण यादव से मिलते रहे। शाम तक यह बात होती रही कि सर्वे के आधार पर टिकट करेंगे। यहां भोपाल में गौरी दिनेश शर्मा के टिकट के लिए अजय रघुवंशी, किशोर महाजन, दिनेश शर्मा सहित शहनाज नफीश मंशा खान के लिए पूर्व विधायक हमीद काजी, रविंद्र महाजन, रिंकु टांक पहुंचे। इनके अलावा प्रीतिसिंह राठौर, सरिता भगत, शैली कीर ने भोपाल में दस्तक दी।
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भाजपा में भी टिकट की लंबी कतार
भाजपा में भी उम्मीदवार चयन करना आसान नहीं हो रहा है। यहां टिकट मांगने वालों की भी लंबी कतार है। इसमें प्रगति सिरपुरकर, चिंतामन महाजन अपनी पत्नी पूर्व पार्षद जीजाबाई महाजन, उमा कपूर, माधुरी पटेल, पूर्व महापौर अनिल भोसले की पत्नी मीना भोसले, रमेश पाटीदार की पत्नी मीना पाटीदार का नाम चल रहा है।