
Tourists from France, Belgium, Switzerland are not coming, if not earning, then conservation of heritage also stopped
बुरहानपुर. कोरोना संक्रमण के असर से पर्यटन स्थलों पर देशी, विदेशी पर्यटकों की आवाजाही कम हो गई है। पिछले दो साल में धरोहरों पर 50 प्रतिशत से ही कम पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं, जिससे पर्यटन विभाग को नुकसान होने से पर्यटन स्थलों पर होने वाले नए कार्यों पर रोक लगी है। पिछले दो साल से धरोहर के संरक्षण के लिए कोई काम नहीं हो सके।
शहर के धार्मिक एवं ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों को देखने के लिए हर साल 15 हजार से अधिक पर्यटक पहुंचते थे। छुट्टियों वाले दिन भी पर्यटकों की भीड़ दिखाई देती थी, लेकिन पिछले दो सालों से कोरोना संक्रमण का असर होने से पर्यटन पर सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। लॉकडाउन के बाद से पर्यटन स्थलों में सन्नाटा पसरा हुआ है। देश के विभिन्ना हिस्सों के साथ ही विदेशों से भी यहां पर्यटक आया करते थे, लेकिन संक्रमण के फैलाव का डर होने से विदेशी पर्यटकों ने भी अपने कदम पीछे कर लिए हंै।
इन देशों से पहुंचते थे विदेशी पर्यटक
जिला पुरातत्व समिति सदस्य होशंग हवलदार ने बताया कि कोरोना संकमण के पहले पर्यटन स्थलों पर प्रतिदिन 500 पर्यटक पहुंचे थे। विदेशी पर्यटकों की बात करें तो एक साल में लगभग 900 से एक हजार तक संख्या पहुंचती थी। फ्रांस, बेल्जियम, इंगलेंड, साउथ कोरिया, स्विजरलैंड और जर्मनी सहित अन्य विदेशों से पर्यटक शहर के ऐतिहासिक स्थलों को देखने एवं इतिहास को समझने के लिए पहुंचे थे, लेकिन पिछले दो सालों में पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों ने दूरी बनाई है। धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों पर भी बहुत कम लोग पहुंच रहे है। पर्यटन के विकास के लिए शहरवासियों को ही जागरूक होना होगा।
पर्यटन के विकास पर भी रोक
पर्यटकों की संख्या कम होने के बाद केंद्रीय एवं राज्य पर्यटन विकास को भी नुकसान हो रहा है। यही कारण है कि केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने शहर के पर्यटन स्थलों पर होने वाले विकास कार्यों पर फिलहाल रोक लगा रखी है, किसी भी पर्यटन स्थल पर नव निर्माण कार्य नहीं होने के साथ ही नए प्रोजेक्ट भी तैयार नहीं हो रहे है।
- पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या घटी है, विदेशी पर्यटक भी नहीं पहुंच रहे है, नए कार्य भी बंद है।
विपुल मेश्राम, जिला अधिकारी, केंद्रीय पुरातत्व सर्वेक्षण
बीयू:1305: रविवार होने के बाद भी किले पर कम रही संख्या।
बीयू:1306: शाही किला।
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अब स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 की परीक्षा 7500 अंकों की होगी। केंद्रीय शहरी मंत्रालय ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 का नाम आजादी / 75 नाम भी दिया है। अभी तक 6000 अंक तय किए गए थेए लेकिन स्वच्छ सर्वेक्षण के सर्वे से पहले 1500 अंकों की वृद्धि कर दी गई है।
सबसे ज्यादा तीन हजार अंक सेवा स्तर प्रगति के तय किए गए हैं। नागरिकों की आवाज के लिए 2250 और प्रमाणीकरण के लिए 2250 अंक तय किए गए हैं। साल 2022 के लिए सर्वे की शुरुआत फरवरी 2022 में करना तय किया गया है। 6000 अंकों के हिसाब से तैयारी कर रहे थे।
7500 अंकों का सर्वे होगा
स्वच्छ सर्वेक्षण अभी 6 हजार अंकों के आधार पर होना था। अब 7500 हजार अंक कर दिया है। उस हिसाब से तैयारी करेगे। 20 नवंबर को गार्वेज फ्री सिटी अवार्ड ग्वालियर को मिलेगा। अगले स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए निगम के अलावा आमजन को भी आगे आने होगा। .किशोर कन्यालए आयुक्त नगर निगम
साल 2021 के अवार्ड के लिए ग्वालियर का नाम
साल 2021 के सर्वे का रिजल्ट 20 नवंबर को आने वाला है। केंद्रीय शहरी मंत्रालय ने विभिन्न कैटेगरी में ग्वालियर सहित प्रदेश के अन्य शहरों के आयुक्तों को अ?वार्ड के लिए बुलावा भेज दिया है। 19 नवंबर को आयुक्त को दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
किस कैटेगरी में क्या करना होगा
सेवा स्तर प्रगति ;3000 अंकद्धरू पृथक संग्रहए प्रसंस्करण और निपटानए सतत स्वच्छताए सफाई मित्र सुरक्षाए डिजिटल ट्रैकिंग और सीखना। साल 2021 में इसके अंक 2400 तय थे।
नागरिक प्रथम ;2500 अंकद्धरू प्रतिक्रियाए जु?ावए अनुभवए स्वच्छता एपए महामारी में प्रतिक्रिया तैयारी और नवाचार। साल 2021 में इसके 1800 अंक तय थे।
प्रमाणन ;2500 अंकद्धरू कचरा मुक्त शहरए स्टार रेटिंग ;1250 अंकद्धए ओडीएप प्लसए ओडीएफ डबल प्लस या वाटर प्लस ;1000 अंकद्ध। साल 2021 के सर्वे में 1800 अंक तय थे।
ऐसे समझे सेवाओं के बदले अंक
साल 2022 प्रदत्त सेवा साल 2021
2500 अंक प्रमाणीकरण 1800 अंक
3000 अंक सेवा स्तर प्रगति 2400 अंक
2500 अंक सिटीजन फीडबैक 1800 अंक
प्रेरक दौ? सम्मान. इसके तहत पहली श्रेणी प्लेटिनियम सिटीए दूसरी गोल्ड सिटीए तीसरी सिल्वर सिटीए चौथी कांस्य सिटी और अंतिम कॉपर सिटी रहेगी।
नवाचार 31 दिसंबर तक. 31 दिसंबर तक सभी शहरों को नियमानुसार नवाचार करना होंगे। स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 के पोर्टल पर 15 जनवरी तक अपलोड करना होंगे।
Published on:
13 Dec 2021 12:21 pm
