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दरगाह ए हकीमी में उर्स, दुनियाभर के जायरिनों ने की जियारत

- समाजजनों ने एक साथ किया भोजन

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Urs in Dargah-e-Hakimi, pilgrims from all over the world celebrated

Urs in Dargah-e-Hakimi, pilgrims from all over the world celebrated

बुरहानपुर. लोधीपुरा स्थित विश्व प्रसिद्ध दरगाह ए हकीमी में सैयदी व मौलाई बाबा अब्दुलकादर हकीमुद्दीन साहब का 301वां उर्स का समापन हो गया।दूसरे दिन भी दुनियाभर से उर्स में शामिल होने के लिए पहुंचे जायरिनों ने मजार की जियारत की। दरगाह में समाजजनों द्वारा एक साथ भोजन करने के बाद देश सहित विदेशों से आए जायरीनों का अपने वतन वापस लौटने का सिलसिला शुरू हो गया।
दरगाह में दो दिवसीय उर्स के पहले दिन शुक्रवार शाम को सैयदी मौलाई हकीमुद्दीन साहब की मजार पर संदल व फूलों की चादर पेश की गई। मस्जिद में देर रात तक वाअज हुई। उर्स में शामिल होने के लिए बुरहानपुर पहुंचे सैयदना साहब के प्रतिनिधि तमीम भाई साहब ने मस्जिद में वाअज की थी। शनिवार को उर्स के मौके पर बड़ी संख्या में पहुंचे जायरिनों ने दरगाह पर जियारत की। उर्स के मौके पर दरगाह में समाजजनों ने एक साथ बैठकर सामूहिक भोजन भी किया। उर्स का समापन होने के बाद सैयदना साहब के प्रतिनिधि भी शहर से रवाना होने के साथ ही समाजजन भी अपने वतन लौट रहे है।
इन देशों से आए समाजजन
अंजुमन जकवी जमात कमेटी के सदस्य मुल्ला तफज्जुल हुसैन मुलायमवाला ने बताया कि दो दिवसीय उर्स में शामिल होने के लिए देश सहित दुबई, कुवैत, साउदी अरब, कीनिया सहित अन्य देश से दाउदी बोहरा समाज के लोग उर्स में शामिल होने के लिए पहुंचे। उर्स के अंतिम दिन समाजजनों ने दरगाह पर पहुंचकर जियारत की। उर्स के मौके पर दरगाह ए हकीमी को विद्युत लाइटों से सजाया गया है।