
Adani Wilmar Share: अदाणी समूह बुनियादी ढांचे के कारोबार पर ध्यान केंद्रित करने के लिए गैर-प्रमुख गतिविधियों से बाहर निकलने की अपनी रणनीति के तहत खुले बाजार में एफएमसीजी फर्म अदाणी विल्मर में 20 प्रतिशत तक हिस्सेदारी बेचकर 7,148 करोड़ रुपए जुटाएगा। पिछले महीने अदाणी विल्मर से अपनी अधिकांश हिस्सेदारी एक संयुक्त उद्यम भागीदार को बेचकर बाहर निकलने की घोषणा की थी, कंपनी द्वारा स्टॉक एक्सचेंज में दाखिल की गई जानकारी के अनुसार, 10 जनवरी को (गैर-खुदरा निवेशकों को) और 13 जनवरी को (खुदरा निवेशकों को) 275 रुपए प्रति शेयर के न्यूनतम मूल्य पर कंपनी में 17.54 करोड़ शेयर (13.50 प्रतिशत इक्विटी) बेचेगा।
बिक्री के प्रस्ताव (ओएफएस) में 8.44 करोड़ शेयर या 6.50 प्रतिशत इक्विटी तक बेचने का विकल्प भी शामिल होगा। यह संयुक्त उद्यम से बाहर निकलने का पहला चरण है जिसमें इसकी 43.94 प्रतिशत हिस्सेदारी है। दूसरे चरण में सिंगापुर की विल्मर इंटरनेशनल लिमिटेड ने 305 डॉलर प्रति शेयर से अधिक कीमत पर शेष हिस्सेदारी हासिल करने पर सहमति जताई है। 30 जनवरी को अदाणी ने कंपनी से बाहर निकलने की घोषणा की, जो फोर्ब्स ब्रांड के कुकिंग ऑयल, गेहूं का आटा और अन्य खाद्य उत्पाद बनाती है। उस घोषणा के अनुसार, अदाणी विल्मर को 40.37 करोड़ शेयर (31.06 प्रतिशत हिस्सेदारी) 305 रुपए प्रति शेयर से अधिक कीमत पर नहीं बेचेगी।
विल्मर को बेचे जाने वाले शेयरों की संख्या ओएफएस की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगी। कुल मिलाकर अदाणी को बाहर निकलने से 2 बिलियन डॉलर (लगभग 17,100 करोड़ रुपए) से अधिक मिलने की उम्मीद है। यह लेन-देन 31 मार्च, 2025 से पहले पूरा हो जाएगा। हिस्सेदारी बिक्री से प्राप्त आय का उपयोग अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड के मुख्य बुनियादी ढांचा व्यवसायों में वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए किया जाएगा।
नवंबर में अमेरिकी संघीय अभियोजकों द्वारा समूह के अधिकारियों के खिलाफ 265 डॉलर में अक्षय ऊर्जा आपूर्ति अनुबंध जीतने के मामले में अभियोग दायर करने के बाद यह पहला बड़ा लेन-देन है। अदाणी समूह ने आरोपों को निराधार बताते हुए इनकार किया है और कहा है कि वह कानूनी मदद मांगेगा। अदाणी विल्मर लिमिटेड अदाणी समूह और सिंगापुर स्थित कमोडिटी ट्रेडर विल्मर के बीच एक समान संयुक्त उद्यम है। दोनों भागीदारों के पास वर्तमान में अदाणी विल्मर में संयुक्त रूप से 87.87 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जो अधिकतम अनुमेय 75 प्रतिशत से कहीं अधिक है।
बाजार नियामक सेबी के नियमों के अनुसार बड़ी फर्मों को लिस्टिंग से तीन साल के भीतर कम से कम 25 प्रतिशत शेयर जनता के लिए उपलब्ध कराने होंगे। 1999 में स्थापित अदाणी विल्मर फॉर्च्यून ब्रांड का खाना पकाने का तेल, गेहूं का आटा, दालें, चावल और चीनी बनाती है।
Published on:
10 Jan 2025 09:44 am

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