
कोल इंडिया IPO। फोटो: एआइ
भारतीय शेयर बाजार में पिछले कुछ समय से IPO बाजार की रफ्तार धीमी रही है। कई नई कंपनियों के इश्यू कमजोर लिस्टिंग के साथ बाजार में आए हैं, जिससे निवेशकों का भरोसा कुछ हद तक प्रभावित हुआ है। इसी बीच कोयला क्षेत्र की सरकारी कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) की सहायक कंपनी सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट लिमिटेड (CMPDI) का IPO इस सप्ताह आने जा रहा है, जिससे प्राइमरी मार्केट में फिर से सकारात्मक माहौल बनने की उम्मीद जताई जा रही है।
सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट लिमिटेड (CMPDI) ने अपने IPO के लिए 163 रुपये से 172 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। यह पब्लिक इश्यू 20 मार्च को खुलेगा और 24 मार्च तक निवेशकों के लिए बोली लगाने का मौका रहेगा। कंपनी इस इश्यू के जरिये अधिकतम 1842 करोड रुपये जुटाने की योजना बना रही है। यह पूरा इश्यू ऑफर फॉर सेल होगा, यानी इसमें कंपनी के मौजूदा शेयरधारक अपने शेयर बेचेंगे। इस मामले में पूरी हिस्सेदारी बेचने वाली इकाई कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) है, इसलिए इस IPO से मिलने वाली पूरी रकम सीधे उसी को प्राप्त होगी।
इस IPO से कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) को भारी लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है। आंकड़ों के अनुसार, कोल इंडिया ने CMPDI के लगभग 10.71 करोड शेयर औसतन मात्र 0.3 रुपये प्रति शेयर की लागत पर हासिल किए थे। इस हिसाब से कंपनी का कुल निवेश करीब 3.2 करोड रुपये रहा। अब यदि IPO के ऊपरी प्राइस बैंड 172 रुपये के आधार पर गणना की जाए तो कोल इंडिया को करीब 1842 करोड रुपये मिलेंगे। यानी कुल मिलाकर लगभग 1838 करोड रुपये का शुद्ध लाभ और लगभग 57,233 प्रतिशत रिटर्न मिलने का अनुमान लगाया जा रहा है।
ग्रे मार्केट में भी इस IPO को लेकर अच्छी दिलचस्पी दिखाई दे रही है। बाजार से जुड़ी वेबसाइटों के अनुसार, सेंट्रल माइन प्लानिंग IPO का ग्रे मार्केट प्रीमियम करीब 21 रुपये चल रहा है। इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों को लिस्टिंग के समय करीब 12 प्रतिशत तक का संभावित गेन मिल सकता है।
कोल इंडिया लिमिटेड की एक प्रमुख सहायक कंपनी, भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) का आईपीओ इसी साल जनवरी में आया था। BCCL के आईपीओ को निवेशकों की जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली थी और इसे 143.85 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था। लिस्टिंग के बाद से इस शेयर ने निवेशकों की संपत्ति को दोगुने से भी अधिक कर दिया है। अब निवेशकों को उम्मीद है कि सेंट्रल माइन प्लानिंग का आईपीओ भी ऐसा ही प्रदर्शन करेगा। ट्रेंडलाइन के आंकड़ों के अनुसार, 2026 में अब तक जितने भी आईपीओ लिस्ट हुए हैं, उनमें से सिर्फ 13 शेयर ही मुनाफे में हैं, जबकि 35 शेयर नुकसान में चल रहे हैं।
सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट लिमिटेड (CMPDI) कोयला और खनिज खोज से जुड़ी कंसल्टेंसी और तकनीकी सेवाएं प्रदान करती है। कंपनी को लगभग पांच दशक का अनुभव है और पिछले दस वर्षों में यह 320 से अधिक प्रोजेक्ट रिपोर्ट प्रकाशित कर चुकी है। वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो दिसंबर 2025 तक के नौ महीनों में कंपनी ने 425 करोड रुपये का लाभ दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में लगभग 9 प्रतिशत अधिक है।
Updated on:
16 Mar 2026 05:45 pm
Published on:
16 Mar 2026 05:45 pm
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