
फोन पर न पुलिस गिरफ्तार कर सकती है, न जज। फोटो: एआइ
Money Laundering Scam: दिल्ली की 77 साल की एक रिटायर्ड महिला 16 दिनों तक अपने घर में ही कैद रही न कोई सलाख, न कोई ताला, फिर भी वो बाहर नहीं निकल पाई। व्हाट्सएप पर एक वीडियो कॉल आई और दूसरी तरफ नकली पुलिस अधिकारी और जज थे। ठगों ने महिला को "डिजिटल अरेस्ट" कर लिया। वॉल स्ट्रीट जर्नल के हालिया लेख के अनुसार, इस तरह के घोटाले पूरे देश में बढ़ रहे हैं। ठग मुख्य रूप से बुजुर्ग, आर्थिक रूप से सक्षम और कम जानकारी रखने वाले नागरिकों को निशाना बनाते हैं।
ठगों ने महिला से कहा कि आप मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसी हैं। इस एक झूठ ने उस बुजुर्ग महिला की जिंदगी की 13 करोड़ की जमापूंजी लूट ली। इस तरह के केस अब भारत में तेजी से फैल रहे हैं, जिनसे बचना जरूरी है। उससे भी ज्यादा जरूरी है, ठगी के 6 ऐसे संकेत जानना जो बताते है कि यह फ्रॉड है।
16 दिन की अवधि में बुजुर्ग महिला को मानसिक रूर से आघात पहुंचाकर ठग लगातार ठगी करते रहे। जब आंकड़ों को ध्यान से देखें तो यह ठगी और भी भयावह लगती है। 16 दिन में एक बुजुर्ग महिला से हर रोज औसतन 81 लाख रुपये की रकम ठगी गई। ठगों ने कई बैंक खातों से वेरिफिकेशन और ऑडिटिंग के नाम पर पैसे ट्रांसफर करवाए। लेकिन इस तरह के मामलों में सबसे गंभीर लापरवाही यह होती है कि पीड़ित व्यक्ति कभी किसी को जानकारी नहीं देता, न परिवार को न ही दोस्तों को। इसके अलावा 16 दिनों तक इतने बड़े ट्राजैक्शन पर किसी बैंक का अलर्ट सिस्टम काम नहीं किया।
साइबर ठगी के मामलों कि सबसे बड़ी सच्चाई यह है कि "डिजिटल अरेस्ट" नाम की कोई चीज भारतीय कानून में कहीं नहीं लिखी। दिल्ली के पूर्व प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजीव जैन, साफ कहते हैं कि भारतीय कानून में 'डिजिटल अरेस्ट' का कोई प्रावधान नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक DK बासु बनाम पश्चिम बंगाल राज्य (1997) फैसले के अनुसार किसी भी गिरफ्तारी के लिए उचित पहचान, दस्तावेज और कानूनी सलाह का अधिकार अनिवार्य है। फोन या वीडियो कॉल पर कोई भी गिरफ्तारी न तो संभव है, न कानूनी। ठग बस आपके डर और अधिकार के भ्रम का फायदा उठाते हैं।
इन सबके बाद भी अगर आप किसी स्कैम का शिकार हों या संदेह हो तो साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर तुरंत कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें, यही सबसे बड़ा बचाव है।
Updated on:
03 Apr 2026 12:43 pm
Published on:
03 Apr 2026 12:43 pm
