
प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी। फोटो: एआइ
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और ऊर्जा संकट का असर अब भारत के ईंधन बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है। अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और सप्लाई बाधित होने से स्थिति और जटिल हो गई है। इसी बीच, देश में प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। ताजा अपडेट के अनुसार, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल के दाम में 2.09 से 2.35 रुपये प्रति लीटर तक वृद्धि की है, जबकि सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतों को फिलहाल स्थिर रखा गया है।
भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL), हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) जैसी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने अपने प्रीमियम फ्यूल प्रोडक्ट्स की कीमतों में बढ़ोतरी की है। इसमें बीपीसीएल का स्पीड, एचपीसीएल का पावर और आईओसीएल का XP95 शामिल है। ये बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब कच्चे तेल की कीमतें वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ रही हैं। हालांकि आम उपभोक्ताओं को राहत देते हुए कंपनियों ने सामान्य पेट्रोल और डीजल के दाम नहीं बढ़ाए हैं, क्योंकि मौजूदा समय में जनता के बीच पहले से ही महंगाई को लेकर असंतोष है।
मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को प्रभावित किया है। खासतौर पर स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के बाधित होने से तेल सप्लाई पर बड़ा असर पड़ा है, जो भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है। रिपोर्ट के अनुसार, यह रास्ता भारत के लगभग 85 से 90 प्रतिशत LPG आयात के लिए जिम्मेदार है। इसके अलावा, कतर के साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमलों और LNG उत्पादन में कमी से भी ऊर्जा संकट गहरा गया है। इससे भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों के लिए कीमतों और सप्लाई दोनों पर दबाव बढ़ गया है।
प्रमुख शहरों में ओएमसी द्वारा निम्नलिखित खुदरा दरें लागू हैं। लेकिन केंद्र और राज्यों द्वारा लगाए जाने वाले टैक्स के कारण किमत अलग हो सकती है।
| शहर | पेट्रोल (रुपये / लीटर) | डीजल (रुपये / लीटर) |
|---|---|---|
| दिल्ली | ₹ 94.77 | ₹ 87.67 |
| मुंबई | ₹ 103.54 | ₹ 90.03 |
| कोलकाता | ₹ 105.45 | ₹ 92.02 |
| चेन्नई | ₹ 100.84 | ₹ 92.39 |
| हैदराबाद | ₹ 107.46 | ₹ 95.70 |
| बेंगलुरु | ₹ 102.96 | ₹ 90.99 |
| लखनऊ | ₹ 94.69 | ₹ 87.81 |
| अहमदाबाद | ₹ 94.49 | ₹ 90.17 |
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए कतर और अन्य वेस्ट एशियाई देशों पर काफी निर्भर है। ऐसे में सप्लाई में कमी और अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उछाल का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ रहा है। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की रिपोर्ट ने वित्त वर्ष 2027 के लिए तेल की कीमतों के अनुमान निकाला है, जो 85 डॉलर प्रति बैरल है। इसके साथ ही वित्त वर्ष 2028 के लिए यह अनुमान 75 डॉलर प्रति बैरल है।
हालांकि ऑयल कंपनियां फिलहाल सामान्य ईंधन की कीमतों को स्थिर रखकर अतिरिक्त लागत को खुद वहन कर रही हैं। लेकिन यदि स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो भविष्य में आम पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी बढ़ोतरी संभव है।
Updated on:
20 Mar 2026 05:11 pm
Published on:
20 Mar 2026 05:11 pm
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