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अमेरिकी टैरिफ के बीच जेम्स एंड जूलरी सेक्टर में आई भारी तेजी, जुलाई में काफी बढ़ गया निर्यात

जुलाई में रत्न और आभूषणों का कुल निर्यात 15.98% बढ़ा है। वहीं, रत्न एवं आभूषणों का कुल सकल आयात 26.55% बढ़ा है। सोने के सस्ते विकल्प के रूप में प्लेटिनम युवाओं को आकर्षित कर रहा है।
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भारत

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Pawan Jayaswal

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Updated: 14 Aug 2025, 10:59 AM IST

Gems and Jewellery Sector

रत्न और आभूषणों का कुल निर्यात 15.98% बढ़ा है। (PC: ChatGPT)

अमेरिका की ओर से भारत पर 7 अगस्त से 25% टैरिफ और 27 अगस्त से कुल 50% टैरिफ लगाने की आशंकाओं के बीच जुलाई, 2025 में रत्न और आभूषण व्यापार में जोरदार तेजी देखने को मिली। रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (जीजेईपीसी) की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले महीने रत्न और आभूषणों का कुल निर्यात 15.98% बढ़कर 18,756.28 करोड़ रुपए हो गया, जो जुलाई में 15,700 करोड़ रुपए था।

रत्न एवं आभूषणों का आयात भी बढ़ा

दूसरी ओर, जुलाई में रत्न एवं आभूषणों का कुल सकल आयात 26.55% बढ़कर 15,588 करोड़ रुपए हो गया, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 11,956 करोड़ रुपए था।

कट और पॉलिश किए हुए हीरों का निर्यात बढ़ा

रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई में भारत से कट और पॉलिश किए हुए हीरों के निर्यात में 17.76% की बढ़ोतरी हुई और यह 9,231 करोड़ रुपये दर्ज हुआ, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में 7,609 करोड़ रुपए था।

गोल्ड और प्लैटिनम जूलरी का निर्यात बढ़ा

कट और पॉलिश किए हुए हीरों के आयात में भी 32% की वृद्धि हुई। वहीं, कच्चे (रफ) हीरों का आयात 1.48% बढ़ा। पॉलिश किए हुए लैब हीरों के निर्यात में 27.61% इजाफा हुआ। स्वर्ण आभूषणों का निर्यात 16.39% तो प्लैटिनम आभूषणों का निर्यात 14.11% बढ़ा। हालांकि, जुलाई में सालाना आधार पर रंगीन रत्नों के निर्यात में सिर्फ 1.93% की वृद्धि हुई।

क्यों आई कारोबार में तेजी?

यह भारी वृद्धि अगस्त 2025 से टैरिफ के खतरों से बचाव के लिए जुलाई के दौरान व्यापार गतिविधियों में तेजी के कारण हुई है। भारत में त्योहारों का मौसम शुरू हो रहा है और उसके बाद पश्चिमी देशों में छुट्टियों का मौसम शुरू हो रहा है, इसलिए व्यापार का एक बड़ा हिस्सा जुलाई 2025 में ही पूरा हो चुका है। इसके साथ ही, मौसमी मांग से परे कई कारकों, जैसे हल्के और समकालीन डिजाइनों में उत्पाद विविधीकरण ने युवा खरीदारों को आकर्षित किया। साथ ही भारत यूएई सीईपीए जैसे व्यापार समझौतों के माध्यम से बेहतर बाजार पहुंच ने भी भारतीय जेम्स एंड ज्वैलरी की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाया है। सोने के सस्ते विकल्प के रूप में प्लेटिनम ने युवाओं को आकर्षित किया। नए व आधुनिक हल्के डिजाइन के कारण भी इसकी मांग बढ़ी।