
सोने और चांदी के इस साल अच्छा करने की उम्मीद है। (PC: AI)
Gold Silver Price Today: सोना और चांदी वापस अपने रंग में लौट आए हैं। दोनों की कीमतों में उछाल देखने को मिल रहा है। हाल ही में जब गोल्ड-सिल्वर में गिरावट आई, तो यह सवाल पूछा जाने लगा कि क्या तेजी का बुलबुला फूट गया है? संभावना जताई गई कि ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंचने के बाद अब ये कीमती धातुएं सस्ती होंगी। लेकिन एक तेज उछाल ने तस्वीर पलटकर रख दी है। अब माना जा रहा है कि सोना और चांदी तेजी के साथ आगे बढ़ेंगे। पिछले साल दोनों ने ही शानदार प्रदर्शन किया था। खासकर, चांदी की चमक ने सबको पीछे छोड़ दिया। 2026 में फिर से चांदी को लेकर बुलिश माहौल है।
गोल्ड प्राइस डेढ़ लाख के आंकड़े की तरफ बढ़ रहे हैं। गुड रिटर्न्स के अनुसार, 24 कैरेट वाला 10 ग्राम सोना 1,36,210 रुपए के भाव पर मिल रहा है। वहीं, चांदी ढाई लाख की ऊंचाई पर सवार होने को तैयार है। इसका भाव प्रति किलो 2,42,100 रुपए है। सिल्वर बड़ी छलांग लगाने में माहिर है। ऐसे में अगर अगले दो-तीन दिन में ही चांदी ढाई लाख को पार कर जाए तो कोई आश्चर्य नहीं होगा। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सोना 4,332.36 डॉलर प्रति औंस और चांदी 72.82 डॉलर प्रति औंस के भाव पर मिल रही है। दोनों की कीमतों में उछाल है। कमोडिटी एक्स्पर्ट्स का मानना है कि गोल्ड-सिल्वर इस साल भी शानदार प्रदर्शन कर सकते हैं।
2026 में सोने के लिए आउटलुक पॉजिटिव बना हुआ है। अधिकांश एनालिस्ट्स का मानना है कि केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी, यूएस फेडरल रिज़र्व के नरम रुख और वैश्विक अनिश्चितता के बीच सोने की कीमतें चढ़ेंगी। RBC कैपिटल मार्केट्स का अनुमान है कि 2026 में गोल्ड प्राइस 4,600 डॉलर प्रति औंस और 2027 में 5,100 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकते हैं। बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर के केंद्रीय बैंक गोल्ड खरीदारी कर रहे हैं। अकेले 2025 की तीसरी तिमाही में सेंट्रल बैंकों ने अनुमानित 220 टन सोना खरीदा, जो पिछली तिमाही से 28% अधिक है। पोलैंड, चीन और कजाकिस्तान जैसे देश सक्रिय खरीदार बने हुए हैं।
गोल्ड में निवेश करने वालों का ETF (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) के प्रति झुकाव देखने को मिल रहा है। हाल के महीनों में ETF निवेशकों ने 222 टन सोना जोड़ा है, जिससे ग्लोबल होल्डिंग्स नवंबर 2020 के अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर के करीब पहुंच गई है। एक्सचेंज ट्रेडेड फंड सोने या चांदी में निवेश का एक आसान तरीका है। इसमें फिजिकल गोल्ड नहीं मिलता, शेयर की तरह इसकी खरीद-फरोख्त होती है। खास बात यह है कि कम कीमत में भी निवेश शुरू किया जा सकता है। गोल्ड की तरह सिल्वर ETF में भी निवेश बढ़ रहा है।
चांदी का आउटलुक भी पॉजिटिव है। लगातार सप्लाई में कमी, सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रिक गाड़ियों और इलेक्ट्रॉनिक्स से मज़बूत इंडस्ट्रियल डिमांड के चलते चांदी इस साल भी शानदार प्रदर्शन कर सकती है। चीन ने चांदी के निर्यात को सीमित कर दिया है, इस वजह से मांग और आपूर्ति के बीच का अंतर बढ़ सकता है, जिससे दाम चढ़ेंगे। जानकारों का कहना है कि चीन की चांदी पहले से ही बाजार में कम है, ऐसे में निर्यात को सीमित करने से स्थिति का बिगड़ना तय है। अमेरिकी कारोबारी और मशहूर किताब 'रिच डैड पुअर डैड' के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी का अनुमान है कि चांदी इस साल 200 डॉलर प्रति औंस के पार जा सकती है, जो वर्तमान में 72.82 डॉलर प्रति औंस पर चल रही है।
Updated on:
03 Jan 2026 09:17 am
Published on:
03 Jan 2026 09:11 am
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