
प्रतीकात्मक तस्वीर (PC: AI)
पिछले एक महीने में आईटी सेक्टर में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली है। ग्लोबल बाजारों में अनिश्चितता, एआई आधारित ऑटोमेशन और क्लाइंट खर्च में कमी के कारण निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा है। इसी दबाव के बीच कई दिग्गज आईटी कंपनियों के शेयरों में 28 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई ट्रेंड ने पारंपरिक आईटी सर्विस मॉडल पर दबाव बढ़ा दिया है, जिससे भविष्य की ग्रोथ को लेकर आशंकाएं तेज हो गई हैं।
आईटी दिग्गज इंफोसिस लिमिटेड (INFY) के शेयर में पिछले एक महीने में करीब 24 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। शेयर 1,682 रुपये के स्तर से गिरकर करीब 1,276 रुपये पर आ गया। कंपनी का पीई रेशियो 18.92 के आसपास है और 52 हफ्ते का उच्च स्तर 1,808 रुपये रहा है।
एचसीएल टेक्नोलॉजीज लिमिटेड (HCLTECH) के शेयर में भी पिछले एक महीने में करीब 21 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है। शेयर लगभग 1,720 रुपये से गिरकर 1,351 रुपये के स्तर पर आ गया। कंपनी का पीई रेशियो 22.26 है और 52 हफ्ते का उच्च स्तर 1,780 रुपये रहा है।
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज लिमिटेड (TCS) के शेयरों में पिछले एक महीने के दौरान करीब 18 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। शेयर लगभग 3,158 रुपये के स्तर से फिसलकर 2,590 रुपये के आसपास पहुंच गया। कंपनी का पीई रेशियो 19.65 है और 52 हफ्ते का उच्च स्तर 3,763 रुपये रहा है।
विप्रो लिमिटेड (WIPRO) के शेयर भी दबाव में रहे हैं। पिछले एक महीने में इसमें लगभग 15 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है और शेयर 230 रुपये के स्तर से गिरकर करीब 199 रुपये पर पहुंच गया। कंपनी का पीई रेशियो 15.83 है और 52 हफ्ते का उच्च स्तर 303 रुपये रहा है।
ग्लोबल आईटी कंपनी एक्सेंचर पीएलसी (ACN) के शेयर में पिछले एक महीने में करीब 28 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है। शेयर 280 डॉलर के स्तर से गिरकर लगभग 201 डॉलर पर आ गया। कंपनी का पीई रेशियो 16.64 है और 52 हफ्ते का उच्च स्तर 366 डॉलर रहा है।
कॉग्निजेंट टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस कॉर्प (CTSH) के शेयरों में पिछले एक महीने में करीब 28 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। शेयर लगभग 85 डॉलर के स्तर से गिरकर 61 डॉलर के आसपास आ गया। कंपनी का पीई रेशियो 11.41 है और 52 हफ्ते का उच्च स्तर 87 डॉलर रहा है।
अमेरिकी और यूरोपीय बाजारों में टेक खर्च में कमी और एआई आधारित ऑटोमेशन टूल्स के बढ़ते प्रभाव ने दबाव डाला है। विशेषज्ञों का मानना है कि एआई ट्रेंड लंबी अवधि में अवसर भी पैदा कर सकता है, लेकिन फिलहाल बाजार में अनिश्चितता और मार्जिन दबाव के कारण आईटी शेयरों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
Updated on:
24 Feb 2026, 1:07 PM IST
Published on:
24 Feb 2026, 1:07 PM IST
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