
एलआईसी ने ITC में बड़ा निवेश कर रखा है। (PC: AI)
देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) को बड़ा नुकसान हुआ है। एलआईसी को बीते 2 दिनों में 11468 करोड़ का का झटका लगा है। LIC कई लिस्टेड कंपनियों में निवेश करती है। इसमें से एक नाम FMCG कंपनी ITC का भी है। आईटीसी के शेयर बीते 5 दिनों में 13 प्रतिशत से अधिक लुढ़क चुके हैं। इस वजह से आम निवेशकों के साथ-साथ एलआईसी को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
आईटीसी देश की दिग्गज FMCG कंपनी है। बड़े पैमाने पर निवेशकों ने इसमें पैसा लगाया है। एलआईसी का भी इसमें बड़ा स्टेक है। ऐसे में आईटीसी में लगातार कमजोरी एलआईसी के लिए भी सिरदर्द बन गई है। ITC के राजस्व में एक बड़ी हिस्सेदारी सिगरेट के कारोबार की है। केंद्र सरकार ने सिगरेट पर नई एक्साइज ड्यूटी लगाने का ऐलान किया है, जिससे कंपनी की कमाई प्रभावित होने की आशंका है और इसी आशंका में उसके शेयर टूट रहे हैं। देश में तंबाकू उत्पाद पहले से ही महंगे हैं और नई एक्साइज ड्यूटी से कीमतें बढ़ जाएंगी। ऐसे में सिगरेट कंपनियों का कारोबार प्रभावित होने की आशंका बनी रहेगी।
एलआईसी के पास इस कंपनी में करीब 16 प्रतिशत हिस्सेदारी है। 31 दिसंबर को इस हिस्सेदारी की कुल वैल्यू लगभग 80,028 करोड़ थी, जो अब घटकर 68,560 करोड़ रुपए रह गई है। मनी कंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, ITC का शेयरहोल्डिंग पैटर्न काफी अलग है। वित्त वर्ष 2026 की जुलाई-सितंबर तिमाही के आखिर में ITC में पूरा 100 प्रतिशत हिस्सा पब्लिक शेयर होल्डर्स के पास था और इसका कोई प्रमोटर या प्रमोटर ग्रुप नहीं है।
एलआईसी के साथ ही दूसरी भी कई कंपनियों का भी ITC में निवेश है। जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (GIC) के पास इसमें 1.73 प्रतिशत और द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के पास 1.4% हिस्सेदारी है। जनरल इंश्योरेंस को पिछले 2 दिनों में 1,254 करोड़ और न्यू इंडिया एश्योरेंस को अनुमानित 1,018 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। संयुक्त रूप से देखें तो तीनों सरकारी कंपनियों के पोर्टफोलियो से 13,740 करोड़ रुपए एक झटके में साफ हो गए हैं। यहां यह स्पष्ट करना भी जरूरी है कि नुकसान का ये आंकड़ा अनुमानित है। अगर तीनों आज अपनी हिस्सेदारी बेचती हैं, तो नुकसान पक्का है और यदि ITC के शेयरों में उछाल का इंतजार करती हैं तो यह आंकड़ा कम भी हो सकता है।
ITC का शेयर पिछले सत्र में 3.78% के नुकसान के साथ 350.10 रुपए पर बंद हुआ था। पिछले 5 दिनों में ही यह 13.15% नीचे आया है। इसका 52 वीक का हाई लेवल 491 रुपए है और लो लेवल 345.25 रुपए। ITC का कारोबार कई क्षेत्रों में फैला हुआ है, लेकिन उसे सबसे ज्यादा कमाई सिगरेट के कारोबार से होती है। इस वजह से कंपनी की बैलेंस शीट गड़बड़ाने की आशंका है और इसी आशंका में शेयरों की धड़ाधड़ बिकवाली हो रही है और दाम गिर रहे हैं। हालांकि, इस तरह की घबराहट ज्यादा दिनों तक कायम नहीं रहती। लिहाजा उम्मीद की जा सकती है कि अगले कुछ दिनों में इस गिरावट पर ब्रेक लग जाए।
Updated on:
03 Jan 2026 08:13 am
Published on:
03 Jan 2026 07:55 am
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